हैदराबाद : तेलंगाना विधान परिषद (विधायक कोटा) में पांच रिक्तियों को भरने के लिए दो साल में एक बार होने वाले चुनाव मंगलवार को यहां शुरू हुए। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है। पार्टी ने अपना एक उम्मीदवार मैदान में उतारा था।
कांग्रेस ने सत्तारूढ़ टीआरएस पर अपने चार विधायकों और तेदेपा के एक विधायक को ‘सभी अवैध तरीके’ अपनाते हुए अपनी पार्टी में शामिल करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस के चुनाव से दूरी बनाने पर टीआरएस और उसके सहयोगी एआईएमआईएम के उम्मीदवारों की जीत निश्चित दिख रही है। पांच सीटों में से टीआरएस ने चार और उसकी सहयोगी एआईएमआईएम ने एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा है। सात दिसम्बर 2018 को हुए विधानसभा चुनाव में टीआरएस ने 119 में से 88 सीटों पर जीत हासिल की थी।
पीएम मोदी ने दांडी मार्च के लिए अर्पित की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की ओर से 1930 में शुरु किये गये दांडी मार्च के लिए उन्हें मंगलवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कांग्रेस पर करारा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के प्रयाय बन चुके हैं। पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में गांधी जी के दांडी मार्च की शुरुआत के लिए उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा,‘‘महात्मा गांधी ने अतिरिक्त धन से दूर रहने की आवश्यकता के बारे में बताया।
कांग्रेस ने जो कुछ भी किया है गरीबों की बुनियादी आवश्यकताओं को नजरअंदाज कर अपने स्वयं के बैंक खातों को भरने और शानदार जीवन शैली का नेतृत्व करने के लिए है।’’ उन्होंने कहा,‘‘बापू ने 1947 में कहा था भारत की गरिमा को सुरक्षित रखना प्रमुख पुरुषों का कर्तव्य है। गलतफहमी से भ्रष्टाचार पनपता है।’’
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपिता के दिखाये गये मार्ग पर चलकर उनकी सरकार अपने सभी कार्य सच्ची भावना से पूरा कर रही है। उन्होंने कहा,‘‘गांधी जी ने हमें सिखाया कि हम सबसे गरीब व्यक्ति की दुर्दशा के बारे में सोचें और सोचें कि हमारा काम कैसे उस व्यक्ति को प्रभावित करेगा। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि हमारी सरकार गरीबी को दूर करने और समृद्धि लाने के लिए उनके मार्गदशर्क विचारों पर कार्य कर रही है।’’
इस मार्च को 1930 के नमक मार्च के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘बापू और उनके साथ दांडी मार्च में गये सभी लोगों को श्रद्धांजलि, जो न्याय और समानता की खोज में उनके साथ गए। दांडी मार्च पर मेरे ब्लॉग में बापू के आदर्श और कांग्रेस की संस्कृति का तिरस्कार को लेकर उनके (बापू के) कुछ विचार साझा करते हुए। ’’
उल्लेखनीय है कि 1930 में 12 मार्च से छह अप्रैल तक चले इस दांडी मार्च को ब्रिटिश नमक एकाधिकार के खिलाफ अहिंसक विरोध के प्रत्यक्ष अभियान के रूप में जाना जाता है। दांडी मार्च ने विश्व भर का ध्यान आकर्षित किया और स्वतंत्रता आंदोलन को आगे बढाया। प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘‘दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार हमेशा साथ-साथ चलते हैं।
हमने भ्रष्टाचारियों को दंडित करने के लिए सब कुछ किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्र ने देखा है कि कांग्रेस और भ्रष्टाचार कैसे एक दूसरे के पर्याय बन गए हैं और रक्षा, दूरसंचार, सिंचाई, खेल की घटनाओं से लेकर कृषि, ग्रामीण विकास और अन्य क्षेत्रों में कांग्रेस ने किस प्रकार घोटाले किये।’’


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