पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस जिन जमीनों पर अवैध कब्जे करने का उन पर आरोप लगा रही है, वे उनके परिवार के पास 300 वर्षों से हैं। उन्होंने कहा, अब मेरी पैदाइश राजपरिवार में हुई तो इस गलती को मैं स्वीकार सकता हूं, लेकिन वो लोग इसका जबाव दें, जो नए महाराजा बन गए हैं।
मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए 3 नवंबर को मतदान होना है इनमें से अधिकांश सीटें ग्वालियर और चंबल संभाग में हैं। इन दिनों इलाके के दौरे पर आए सिंधिया ने शुक्रवार को कहा, कांग्रेस के वे नेता जमीनों पर कब्जे के आरोप लगा रहे हैं, जो नए-नए महाराजा बने हैं। जिन जमीनों पर वे कब्जे की बात करते हैं, वे तो 300 वर्षों से उनके परिवार के पास हैं। अब इस परिवार में पैदाइश होना गलत है, तो मैं इस गलती को स्वीकार करता हूं। मेरा एजेंडा एक ही है, जनता का विकास और प्रगति।
उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस की नहीं, बल्कि जनता के विकास व उज्ज्वल भविष्य की चिंता करते हैं और इसी एकमात्र लक्ष्य को लेकर राजनीति में हैं। सिंधिया ने कहा, इन 5 महीनों के दौरान मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मिलकर कोशिश की है कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक विकास कार्य जरूर हो। कांग्रेस के 15 महीने का कुशासन और 5 महीने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का शासन सभी ने देखा है।
उन्होंने कहा कि वे विकास के लिए जाति या पंथ देखकर काम नहीं करते क्योंकि उनके लिए मतदाता और जनता भगवान हैं और हर तरीके से विकास उन तक पहुंचना चाहिए। बता दें कि सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद कांग्रेस नेता आरोप लगाते आ रहे हैं कि सिंधिया ने अवैध तरीके से ग्वालियर सहित कई शहरों में जमीनों पर कब्जा किया है। ग्वालियर में भी कांग्रेस लगातार इस प्रकार के आरोप लगा रही है।


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