मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में लागू किए तीनों कृषि कानून देश के किसानों के पक्ष में हैं और हाल ही में यह बात इस राज्य में साबित हुयी है। चौहान ने यहां वीडियाे कांफ्रेंसिंग के जरिए मंत्रिपरिषद की बैठक के पहले मंत्रियों से संवाद किया।
चौहान ने कहा कि नए कृषि कानूनाें से किसानों को लाभ होगा और यह राज्य में सबसे पहले होशंगाबाद जिले के पिपरिया में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पिपरिया में एक प्राइवेट कंपनी ने किसानों से तीन हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से उनकी उपज खरीदने का तय किया था। कंपनी ने अपने वादे से पीछे हटने का प्रयास किया, लेकिन हमारे एसडीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किसानों को वही रेट दिलाया।
चौहान ने कहा कि हमें इन कानूनों के प्रावधानों के बारे में आम लोगों को और किसानों को अवगत कराना है। इसके लिए मंत्री अपने-अपने गृह जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और किसानों के हित में जो कानून बनाए गए हैं, उनका व्यापक मसौदा प्रेस और जनता के सामने रखें। उन्होंने कहा कि यह तीनों कानून क्रांतिकारी कानून हैं। इनसे किसानों की जिंदगी बदल जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दीर्घकालिक योजना के तहत यह कदम उठाए हैं और इसका असर भविष्य में देखने को मिलेगा।चौहान ने कहा कि आम लोगों को कानूनों के बारे में अवगत कराने के लिए आज भोपाल, उज्जैन में दो संभागीय स्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें वे स्वयं शिरकत करेंगे। इसके अलावा अन्य संभागों में भी अलग अलग तिथियों में इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय जो राहत राशि किसानों के खातों में जानी चाहिए थी, वो रोक दी गयी थी। अब 18 दिसंबर को 35 लाख 50 हजार किसानों के खातों में 1600 करोड़ रुपए की राशि डाली जाएगी। इसके लिए आयोजित कार्यक्रम में वे स्वयं विदिशा जिले में रहेंगे। अन्य जिलों में अलग अलग मंत्री रहेंगे।


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