कमलनाथ के नारियल जेब में लेकर घूमने के बयान पर शिवराज का पलटवार- ‘शैम्पेन की बोतल तो लेके नहीं चलता’

Summary :

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ को करारा जवाब देते हुए कहा कि मैं नारियल लेके चलता हूं और नारियल सेवा का प्रतीक है नारियल लेकर चलता हूं कोई शैम्पेन की बोतल तो लेके नहीं चलता।

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ को करारा जवाब देते हुए कहा कि मैं नारियल लेके चलता हूं और नारियल सेवा का प्रतीक है। नारियल लेकर चलता हूं कोई शैम्पेन की बोतल तो लेके नहीं चलता। दरअसल कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज पर आरोप लगाते हुए अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया था कि यदि नेता जनता को झूठे सपने, झूठे सब्ज़बाग़ ना दिखाये, झूठी घोषणाएं ना करे, झूठे चुनावी नारियल ना फोड़े, जनता से किए अपने हर वादे को वचन समझ पूरा करे, जनता को झूठे- लच्छेदार भाषण परोसकर मूर्ख ना समझे।
इसी ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज ने कहा कि जनता हमारी भगवान है,अहंकार कांग्रेस को मुबारक हो। मंदसौर नीमच की जनता ने 2018 की चुनाव में बीजेपी को एक तरफा जीत दी थी केवल 300 वोट से हारे थे बाकी सब जीते थे।मुझे लगा कि जनता का धन्यवाद शीश झुकाकर करना चाहिए 1 बार नहीं लाखों बार जनता को शीश झुकाता रहूंगा। 
कांग्रेस नेता कमलनाथ ने एक दूसरे ट्वीट में लिखा कि अपनी सत्ता लोलुपता के लिये सौदेबाज़ी से जनादेश का अपमान कर राजनीति को कलंकित ना करे, जनहित उसके लिये सदैव सर्वोपरि हो तो जनता उसे हमेशा सर आंखों पर बैठाती है, अपने सर का ताज बनाती है, उसको घुटने टेकने की कभी ज़रूरत ही  नहीं पड़ती है।

Ujjwal Jain