पश्चिम बंगाल के मंत्री और जमीयत उलेमा-ए-हिंद की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सिद्दीकुल्ला चौधरी ने बृहस्पतिवार को भाजपा सरकार पर मुस्लिम पर्सनल कानूनों में दखल देने का आरोप लगाया और कहा कि देश का अल्पसंख्यक समुदाय तीन तलाक कानून को बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि इस ‘‘कठोर’’ तीन तलाक विधेयक का पुरजोर विरोध किया जाएगा। चौधरी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हम अपने पर्सनल कानूनों में सीधी दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम इस तीन तलाक कानून के खिलाफ हैं और इसका पालन नहीं करेंगे। देश का मुस्लिम समुदाय इसका पुरजोर विरोध करेगा।’’
उन्होंने कहा कि केवल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मामले पर संज्ञान ले सकता है। कोई भी हमारे धर्म में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
चौधरी ने कहा, ‘‘हमने दिल्ली में अगले सप्ताह जमीयत उलेमा-ए-हिंद की कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई है। अगर जरुरत पड़ी तो हम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को एक पत्र भी लिखेंगे तथा उनसे इस कानून को निरस्त करने का अनुरोध करेंगे। हर किसी को अपने धर्म को मानने का अधिकार है।’’
उनके बयान पर भाजपा के महासचिव सायंतन बासु ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चौधरी के बयान ने साबित कर दिया कि टीएमसी तुष्टिकरण की राजनीति करती है। बासु ने कहा, ‘‘लाखों मुसलमानों को इससे फायदा मिलेगा।’’


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