नवी मुंबई में एक स्कूल के समीप विस्फोटक लगाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दावा किया कि इनका मकसद एक बिल्डर को धमकाना और उससे वसूली करना था। कलंबोली के समीप स्कूल से 10 जून को आईईडी मिलने से सनसनी फैल गई थी। बहरहाल, पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस मामले में आतंकवाद का कोई पहलू नहीं है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुणे निवासी सुनील साठे (35), नवी मुंबई निवासी मनीष भगत (45) और दीपक दांडेकर (55) के रूप में हुई है। पुलिस उपायुक्त (अपराध) तुषार दोशी ने बताया कि इस मामले की जांच करने के लिए बनाए गए विशेष जांच दल ने तीनों को पकड़ा। उन्होंने बताया कि पुलिस ने छह जांच दल गठित किए थे और कम से कम 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी।
उन्होंने बताया कि अपराध में इस्तेमाल एक मोटरबाइक, लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। डीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने नाइट्रेट पाउडर और जिलेटिन छड़ों का इस्तेमाल कर आईईडी बनाया। उन्होंने बताया कि आरोपी पत्थर उत्खनन कारोबार करते हैं और एक-दूसरे को जानते थे। अधिकारी ने बताया कि साठे और दांडेकर पर कर्ज था और वे पैसा चाहते थे इसलिए उन्होंने बिल्डर को धमकाने और उससे दो करोड़ रुपये वसूलने के लिए उसके घर के समीप धमाका करने की योजना बनाई। बिल्डर का घर न्यू सुधागद स्कूल के बेहद करीब है।
आईईडी नौ जून को बिल्डर के घर के समीप एक ठेले पर लगाया गया था। उसमें टाइमर था और रात करीब साढ़े 10 बजे उसमें धमाका होना था लेकिन कुछ खराबी के कारण धमाका नहीं हुआ। एक चौकीदार ने 10 जून को स्कूल के पहले दिन इसे देखा। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कर्मियों की मदद से आईईडी निष्क्रिय किया गया। जांच में आतंकवाद रोधी दस्ता भी शामिल हो गया था।


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