देहरादून : मंगलवार से उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है, ऐसे में शासन-प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार का शीतकालीन सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है, क्योंकि विपक्ष सरकार को पूरी तरह घेरने के मूड में है।
चार दिसंबर से छह दिसंबर तक चलने वाले सत्र को लेकर शासन-प्रशासन ने विधानसभा भवन से लेकर बाहर मचने वाले बवाल के लिए संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश दिए हैं। चार से छह दिसंबर तक चलने वाले इस शीतकालीन सत्र में जहां अंदर विपक्ष सरकार को घेरने की योजना बना चुका है वहीं शासन-प्रशासन के लिए शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी।
वहीं, पुलिस प्रशासन द्वारा सत्र के दौरान विधानसभा के पास रिस्पना पुल व हरिद्वार बाईपास की ओर तीन अलग-अलग बैरिकेडिंग पर सीओ स्तर के अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर किसी भी हंगामे, प्रदर्शन, रैली को कंट्रोल करने की ऐतिहातन तैयारी की जा रही है। इस दौरान किसी भी तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए पीएसी बल व फायर टेंडर सहित विधानसभा एएसएल चेकिंग की विशेष व्यवस्था बनाई की गई है।
स्कूली बच्चों के आने जाने के लिए विशेष व्यवस्था
विधानसभा सत्र के दौरान स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए भी शासन-प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई है। स्थानीय थाना स्तर के अधिकारियों को संबंधित इलाकों में बैरिकेडिंग व रूट डायवर्ट के लिए अनाउंसमेंट कराया जाएगा, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की कोई परेशान न हो।
इस संबंध में देहरादून एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि परीक्षा व स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए पुलिस फोर्स को ये निर्देशित किया जा रहा है कि छात्रों आईकार्ड दिखाने के बाद उनको किसी भी प्रकार कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर एडीजी अशोक कुमार का कहना है कि सुरक्षा की सभी तैयारियां पूर्ववत की गई हैं।
जिस प्रकार की तैयारियां पिछले सत्रों के दौरान की गई थी, इस बार भी उसी प्रकार की तैयारियां इस बार भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।


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