Punjab Flood Updates Live: बाढ़ से बेहाल पंजाब, पानी में डूबे 2200 गांव, 20 लाख लोग बेघर

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Punjab Flood Updates Live: पंजाब में आई भीषण बाढ़ से अब तक 1,000 से अधिक गांव और 61,000 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है। राज्य में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। गुरदासपुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है।  बाढ़ को लेकर जहां विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर ‘अक्षमता’ का आरोप लगाया है, वहीं पंजाब के जल संसाधन मंत्री बी. कुमार गोयल ने कहा है कि यदि जून में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) द्वारा समय पर पानी छोड़ा गया होता, तो तबाही को काफी हद तक रोका…

Punjab Flood Updates Live: पंजाब में आई भीषण बाढ़ से अब तक 1,000 से अधिक गांव और 61,000 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है। राज्य में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। गुरदासपुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है।  बाढ़ को लेकर जहां विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर ‘अक्षमता’ का आरोप लगाया है, वहीं पंजाब के जल संसाधन मंत्री बी. कुमार गोयल ने कहा है कि यदि जून में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) द्वारा समय पर पानी छोड़ा गया होता, तो तबाही को काफी हद तक रोका जा सकता था।

Flood in Punjab
Flood in Punjab

Punjab Flood Updates Live: जनता से सहयोग की अपील

अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील करते हुए कहा कि यह समय एक-दूसरे का साथ देने का है। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि बार-बार आने वाली बाढ़ की जड़ों की पहचान करना ज़रूरी है, ताकि भविष्य में तैयारी बेहतर की जा सके।  अब तक NDRF, सेना, BSF और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से 11,330 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कई मंत्री और विधायक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

Flood in Punjab: कांग्रेस ने बांध प्रबंधन पर उठाए सवाल

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बाढ़ के लिए बांधों के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने पूछा कि जब भारी बारिश की आशंका पहले से थी, तो बांधों से समय रहते चरणबद्ध तरीके से पानी क्यों नहीं छोड़ा गया। उन्होंने इसे प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि ‘आपराधिक लापरवाही’ बताया।

Flood in Punjab
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Punjab News: केंद्र सरकार पर जिम्मेदारी का आरोप

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई, जिससे पंजाब के कई जिले—पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर—भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जल संसाधन मंत्री गोयल ने इसे पिछले 37 वर्षों में सबसे गंभीर बाढ़ बताते हुए केंद्र सरकार को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यदि BBMB ने समय पर पानी छोड़ा होता, तो हालात इतने खराब नहीं होते। गोयल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अब तक न तो इस संकट पर कोई बयान दिया है, और न ही राज्य को किसी तरह की सहायता का आश्वासन मिला है।

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Neha Singh