फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी सहित कई मांगों को लेकर किसान पंजाब-हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 35 दिनों से किसान नेता जगजीत डल्लेवाल केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए और मांगों को मनवाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे है। जगजीत डल्लेवाल की बिगड़ते स्वास्थ्य की चिंता करते हुए, आज इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को किसान नेता डल्लेवाल की स्वास्थ्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 20 दिसंबर का आदेश का पालन करने के लिए और समय दे दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 2 जनवरी होगी।
सुनवाई के दौरान क्या कहा ?
किसान नेता जगजीत डल्लेवाल की सेहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई इस दौरान पंजाब सरकार के महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कुछ जिम्मेदार लोग डल्लेवाल से बात करने गए थे लेकिन कल पंजाब में दो प्रमुख मुद्दे हुए, पहला कल पंजाब बंद की घोषणा की गई थी, जिसकी वजह से पूरे पंजाब में चक्का जाम किया गया था। दूसरा केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया गया है कि अगर उन्हें बातचीत का प्रस्ताव मिलता है, तो डल्लेवाल मेडिकल सहायता लेने के लिए तैयार हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
इस मामले में महाधिवक्ता का पक्ष सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर सभी पक्ष सहमत हैं तो कोर्ट समय देने के लिए तैयार है। पंजाब महाधिवक्ता ने अगली सुनवाई के लिए 2 जनवरी तक का समय देने के लिए सुझाव दिया, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया। बता दे की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उन किसान नेताओं पर नाराजगी जताई थी, जो डल्लेवाल को अस्पताल में शिफ्ट करने पर आपत्ति जता रहे थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने से रोकना एक आपराधिक मामला है।


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