भारतीय हॉकी गोलकीपर PR Sreejesh ने किया संन्यास का ऐलान

Summary :

भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी गोलकीपर और पूर्व कप्तान PR Sreejesh ने सोमवार को संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने बताया कि पेरिस ओलंपिक 2024 उनकी आखिरी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी। उनके संन्यास की खबर सुनकर जरूर हॉकी फैंस को झटका लगा होगा। फैंस अब जरूर चाहेंगे कि वह अपना हॉकी करियर का समापन गोल्ड मैडल के साथ करें। HIGHLIGHTS पूर्व कप्तान PR Sreejesh ने सोमवार को संन्यास का ऐलान कर दिया पेरिस ओलंपिक 2024 उनकी आखिरी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी 26 जुलाई से शुरू होगी पेरिस ओलिंपिक भारतीय टीम से सभी को गोल्ड मैडल की आस  पीआर श्रीजेश ने अपने करियर…

भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी गोलकीपर और पूर्व कप्तान PR Sreejesh ने सोमवार को संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने बताया कि पेरिस ओलंपिक 2024 उनकी आखिरी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी। उनके संन्यास की खबर सुनकर जरूर हॉकी फैंस को झटका लगा होगा। फैंस अब जरूर चाहेंगे कि वह अपना हॉकी करियर का समापन गोल्ड मैडल के साथ करें।

HIGHLIGHTS

  • पूर्व कप्तान PR Sreejesh ने सोमवार को संन्यास का ऐलान कर दिया
  • पेरिस ओलंपिक 2024 उनकी आखिरी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी
  • 26 जुलाई से शुरू होगी पेरिस ओलिंपिक
  • भारतीय टीम से सभी को गोल्ड मैडल की आस 



पीआर श्रीजेश ने अपने करियर में 328 अंतर्राष्ट्रीय मैच समेत तीन ओलंपिक, कई राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप और कई अहम टूर्नामेंट खेले, जिनमें उन्होंने भारतीय टीम के लिए दमदार प्रदर्शन किया। श्रीजेश ने कहा कि वह आगामी पेरिस ओलंपिक के बाद अंतर्राष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लेंगे। श्रीजेश ने 2006 के दक्षिण एशियाई खेलों के दौरान भारत के लिए अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया था। वह टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली हॉकी टीम के सदस्य थे। 41 साल बाद टोक्यो 2020 में पदक का सूखा समाप्त करने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम की नजरें अब पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल पर है, जिसमें श्रीजेश एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। इस मौके पर श्रीजेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए अपने परिवार, साथी, कोच, फैंस और हॉकी इंडिया का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने टोक्यो 2020 में जीते गए मेडल को सपना सच होने जैसा बताया और कहा कि उनका संन्यास एक अध्याय का अंत और एक नए रोमांच की शुरुआत है। श्रीजेश 2022 एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य भी रहे हैं, साथ ही उन्होंने चार मौकों पर एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जीती है और 2015 में एफआईएच हॉकी विश्व लीग फाइनल में कांस्य पदक जीता है। उन्हें 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

Ravi Kumar

I have a vision to prepare myself as well as others in such a way that our tomorrow becomes wonderful.