अमेरिका के बाद Argentina ने भी WHO से तोड़ा नाता! जानें इसके पीछे की बड़ी वजह

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Argentina leaves WHO: अर्जेंटीना के विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने कहा कि देख ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से औपचारिक रूप से वापसी कर ली है। विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने कहा कि अर्जेंटीना ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से औपचारिक रूप से वापसी कर ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि अर्जेंटीना ने यह निर्णय 17 मार्च 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भेजे गए एक नोट के माध्यम से सूचित किया था। अर्जेंटीना ने WHO से वापसी की घोषणा वियना संधि के अनुसार, इस नोटिफिकेशन के एक साल बाद वापसी प्रभावी होती है। क्विर्नो ने कहा, “हमारा देश…

Argentina leaves WHO: अर्जेंटीना के विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने कहा कि देख ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से औपचारिक रूप से वापसी कर ली है। विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने कहा कि अर्जेंटीना ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से औपचारिक रूप से वापसी कर ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि अर्जेंटीना ने यह निर्णय 17 मार्च 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भेजे गए एक नोट के माध्यम से सूचित किया था।

अर्जेंटीना ने WHO से वापसी की घोषणा

वियना संधि के अनुसार, इस नोटिफिकेशन के एक साल बाद वापसी प्रभावी होती है। क्विर्नो ने कहा, “हमारा देश द्विपक्षीय समझौतों और क्षेत्रीय मंचों के माध्यम से स्वास्थ्य में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को जारी रखेगा। साथ ही, अपनी संप्रभुता और स्वास्थ्य नीतियों के संबंध में निर्णय लेने की क्षमता को पूरी तरह सुरक्षित रखेगा।”

अर्जेंटीना सरकार ने वैश्विक स्वास्थ्य संगठन से वापसी का निर्णय पिछले साल फरवरी में घोषित किया था। राष्ट्रपति के प्रवक्ता मैनुअल अडॉर्नी ने उस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि राष्ट्रपति जेवियर माइलि ने अर्जेंटीना के विदेश मंत्री को निर्देश दिया था कि वे देश की भागीदारी को इस यूएन विशेष एजेंसी से वापस ले लें। अडॉर्नी ने कहा कि यह निर्णय “देश को अधिक लचीलापन देता है ताकि वह अर्जेंटीना की आवश्यकताओं और संदर्भों के अनुसार नीतियां लागू कर सके, संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाए और स्वास्थ्य मामलों में संप्रभुता की दिशा में अपने मार्ग को दोहराए।”

अर्जेंटीना ने चुना स्वास्थ्य में स्वतंत्रता

इससे पहले 5 फरवरी 2025 को अर्जेंटीना सरकार ने डब्ल्यूएचओ से वापसी की घोषणा की थी। राष्ट्रपति के प्रवक्ता मैनुअल अडॉर्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राष्ट्रपति जेवियर माइलि ने विदेश मंत्री जेरार्डो वर्टहाइन को निर्देश दिया था कि वे अर्जेंटीना की विश्व स्वास्थ्य संगठन में भागीदारी वापस लें। अडॉर्नी ने कहा कि अर्जेंटीना के लोग किसी भी अंतरराष्ट्रीय संगठन को उनकी संप्रभुता में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देंगे और न ही उनके स्वास्थ्य से संबंधित मामलों में अनुमति देंगे।

अर्जेंटीना ने कहा ‘नो’ WHO को

प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए अर्जेंटीना विश्व स्वास्थ्य संगठन से कोई वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं करता था। इसलिए, उन्होंने तर्क दिया कि यह कदम देश के लिए धन की हानि का प्रतिनिधित्व नहीं करता और न ही सेवा की गुणवत्ता पर असर डालता है, जैसा कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर सुझाया था।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश को अधिक लचीलापन देता है ताकि वह अर्जेंटीना की आवश्यकताओं और संदर्भों के अनुसार नीतियां लागू कर सके और संसाधनों की उपलब्धता बढ़ा सके। यह स्वास्थ्य मामलों में संप्रभुता वाले देश के अपने मार्ग को पुनः पुष्टि करता है। दक्षिण अमेरिकी देश द्वारा अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के संबंध में समान कदम उठाने के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता लेकिन राष्ट्रपति अर्जेंटीना को अधिक स्वतंत्र बनाने के बारे में बहुत स्पष्ट हैं।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।