तख्तापलट की चपेट में एक और कन्ट्री! अब अफ्रीकी देश बेनिन में सेना ने किया तख्तापलट का ऐलान

Coup in Benin ( credit S-M)

Coup in Benin: अफ्रीकी देश बेनिन इस समय गंभीर राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रहा है। खबरों के अनुसार, देश की सेना ने अचानक सत्ता अपने हाथ में लेते हुए तख्तापलट की घोषणा कर दी है। इस घटना ने पूरे पश्चिम अफ्रीका में चिंता बढ़ा दी है, जहाँ पिछले कुछ वर्षों में लगातार सैन्य तख्तापलट होते रहे हैं।

Coup in Benin: सरकारी टीवी पर सेना की घोषणा

रविवार को बेनिन के सरकारी टीवी चैनल पर ‘मिलिट्री कमेटी फॉर रिफाउंडेशन’ नाम के सैनिकों के एक समूह ने अचानक उपस्थिति दर्ज कराई। इस समूह ने कहा कि वे वर्तमान सरकार को भंग कर रहे हैं और अब देश का नियंत्रण उनके हाथ में होगा। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति पैट्रिस टैलोन की शक्तियों को समाप्त किया जा रहा है। सरकार के प्रमुख नेताओं और संस्थाओं का अधिकार अब सेना के पास होगा। फिलहाल लेफ्टिनेंट कर्नल पास्कल टिग्री को कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति टैलोन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

Coup in Benin ( credit S-M)
Coup in Benin ( credit S-M)

African country Benin: राष्ट्रपति टैलोन की स्थिति

राष्ट्रपति पैट्रिस टैलोन वर्ष 2016 से सत्ता में थे और उम्मीद की जा रही थी कि अगले वर्ष अप्रैल में होने वाले चुनाव के बाद वे पद छोड़ देंगे। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति सुरक्षित हैं। सेना का कुछ हिस्सा अभी भी हालात को काबू में करने की कोशिश कर रहा है यह स्थिति बताती है कि देश में सत्ता को लेकर संघर्ष जारी है।

Benin coup by army: पश्चिम अफ्रीका में तख्तापलट की बढ़ती लिस्ट

बेनिन में हुआ यह तख्तापलट पश्चिम अफ्रीका में सैन्य हस्तक्षेप की हालिया घटनाओं में एक और नया अध्याय जोड़ता है। पिछले महीने ही गिनी-बिसाऊ में तख्तापलट हुआ था, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति उमारो एम्बालो को विवादित चुनाव के बाद सत्ता से हटा दिया गया था। यदि 2020 से गिनती शुरू करें तो यह क्षेत्र नौवां तख्तापलट देख रहा है। इससे स्पष्ट है कि पश्चिम अफ्रीका राजनीतिक अस्थिरता के गंभीर दौर से गुजर रहा है।

Coup in Benin ( credit S-M)
Coup in Benin ( credit S-M)

Benin Army Announced Coup: बेनिन का राजनीतिक इतिहास

बेनिन को वर्ष 1960 में फ्रांस से स्वतंत्रता मिली थी। आज़ादी के बाद इस देश ने कई सैन्य तख्तापलट झेले, जिससे राजनीतिक स्थिरता लगातार प्रभावित होती रही। 1991 के बाद स्थिति कुछ बेहतर हुई, जब मार्क्सवादी-लेनिनवादी नेता मैथ्यू केरको ने 20 साल तक शासन किया। उनके शासनकाल में देश का नाम बदलकर पीपल्स रिपब्लिक ऑफ बेनिन रखा गया। राजनीतिक माहौल कुछ हद तक स्थिर होने लगा। इसके बाद बेनिन को लोकतांत्रिक रूप से आगे बढ़ता देश माना जाने लगा था, लेकिन ताजा तख्तापलट ने फिर से अस्थिरता बढ़ा दी है।

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