Dubai Real Estate Market Down: मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब दुबई के रियल एस्टेट सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है। कभी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा यह बाजार अब सुस्ती की चपेट में आ गया है। हालात ऐसे हैं कि खरीदारों को आकर्षित करने के लिए बिल्डर्स तरह-तरह के ऑफर दे रहे हैं, जिनमें भारी छूट से लेकर लग्जरी कार तक शामिल हैं।
Dubai Real Estate Market Down: एंट्री-लेवल सेगमेंट में सबसे ज्यादा गिरावट
दुबई के सस्ते और मध्यम बजट वाले घरों की मांग में सबसे ज्यादा गिरावट देखी जा रही है। पिछले एक साल में 10 लाख से 25 लाख दिरहम के बीच आने वाली प्रॉपर्टी में करीब 40% तक की कमी दर्ज की गई है। इस सेगमेंट में खरीदार अब पहले की तुलना में ज्यादा मोलभाव कर रहे हैं और 10 से 15 प्रतिशत तक की छूट मांग रहे हैं। सेकेंडरी मार्केट यानी पहले से बनी प्रॉपर्टी के बाजार में भी यही स्थिति बनी हुई है, जहां निवेशक खरीदारी से पहले बेहतर डील चाहते हैं।
मार्च के आंकड़े भ्रामक, असल स्थिति कमजोर
हालांकि मार्च महीने में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के आंकड़े देखने में ठीक लगते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह वास्तविक मांग को नहीं दर्शाते। यह आंकड़े दिसंबर से फरवरी के बीच रुके हुए सौदों के पूरे होने का नतीजा हैं। असल में मार्च के दौरान नई बिक्री में करीब 50% तक की गिरावट आई है। रमजान के दौरान आमतौर पर बाजार धीमा रहता है, इसलिए अब सभी की नजर अप्रैल महीने पर है। अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं, तो बाजार में थोड़ी रिकवरी संभव है।
बिल्डर्स दे रहे आकर्षक ऑफर
बाजार में आई मंदी से निपटने के लिए बिल्डर्स ने सीधे दाम घटाने के बजाय नए ऑफर पेश किए हैं। कई बड़े डेवलपर्स ने अपने पेमेंट प्लान को आसान बना दिया है। कुछ कंपनियों ने 70/30 के बजाय 50/50 का प्लान शुरू किया है, जिससे खरीदारों पर शुरुआती दबाव कम हो गया है। इसके अलावा, कई बिल्डर्स रजिस्ट्रेशन फीस भी खुद भर रहे हैं।
खरीदारों को लुभाने के लिए लग्जरी गिफ्ट भी दिए जा रहे हैं। महंगी प्रॉपर्टी खरीदने पर मुफ्त कार जैसी सुविधाएं भी ऑफर की जा रही हैं। कुछ डेवलपर्स नकद भुगतान करने वालों को 20% तक की छूट दे रहे हैं, जिससे बाजार में थोड़ी हलचल बनी हुई है।
आने वाले महीनों में करेक्शन की संभावना
रियल एस्टेट एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले 6 से 9 महीने इस बाजार के लिए बेहद अहम होंगे। इस दौरान कीमतों में सुधार यानी गिरावट देखने को मिल सकती है। सेकेंडरी मार्केट में कीमतें 15 से 18 प्रतिशत तक नीचे जा सकती हैं, खासकर उन प्रोजेक्ट्स में जो जल्द पूरा होने वाले हैं। वहीं, ऑफ-प्लान यानी निर्माणाधीन प्रॉपर्टी में 9 से 12 प्रतिशत तक गिरावट संभव है।
एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले दो सालों में दुबई का रियल एस्टेट बाजार तेज उछाल के बजाय स्थिरता की ओर बढ़ेगा। यानी निवेशकों को अब पहले जैसी तेज रिटर्न की उम्मीद कम करनी होगी। हालांकि, अगर वैश्विक हालात सुधरते हैं, तो धीरे-धीरे बाजार फिर से संतुलन में आ सकता है।
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