उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 12 साल बाद विश्व का सबसे बड़ा मेला 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होगा। मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है जिससे दुर्घटनाओं को रोकने के लिए, जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। मेले में भीड़ को नियंत्रण करने के लिए और आग की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाये जा रहे है। जिला प्रशासन ने महाकुंभ समारोह से पहले नए फायर स्टेशनों का उद्घाटन किया है, जहां आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 365 वाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, अधिकारियों को जागरूकता अभियान और मॉक ड्रिल करने के लिए कहा गया है ताकि छोटी आग की घटना होने पर लोग घबराएं नहीं।
एडीजी फायर पद्मजा चौहान का बयान
एडीजी फायर पद्मजा चौहान ने कहा कि जागरूकता फैलाने का काम करने वाले अधिकारी लोगों को ऐसी आग की घटनाओं से निपटने के तरीके भी सिखाएंगे। हमने अधिकारियों को टेंटों में जाने, जागरूकता फैलाने और मॉक ड्रिल करने के लिए कहा है। अगर कोई छोटी आग की घटना होती है, तो लोगों को घबराना नहीं चाहिए। अधिकारी लोगों को यह भी सिखाएंगे कि ऐसी आग से कैसे निपटा जाए। इस बार महाकुंभ के लिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कर्मियों की तैनाती के साथ-साथ तकनीकी उपकरणों का विकल्प चुना है।
आग बुझाने के लिए हाईटेक तकनीक
अग्निशमन विभाग ने बताया कि प्रशासन ने जनशक्ति बढ़ा दी है और त्वरित कार्रवाई करने के लिए ऑल-टेरेन व्हीकल (एटीवी) जो किसी भी तरह के इलाके में चल सकते हैं, अग्निशमन रोबोट और फायर मिस्ट बाइक तैनात किए हैं। त्वरित फायर रिस्पॉन्स व्हीकल, एटीवी, अग्निशमन रोबोट और बाइक सहित 365 वाहन तैनात किए गए हैं, कई नई तकनीक पेश की गई है। प्रशासन अग्निशमन नौकाएं भी ला रहा है, जो एक सप्ताह में तैनात करने के लिए तैयार हो जाएंगी। नौकाएं आग बुझाने के लिए नदी के पानी का इस्तेमाल करेंगी। रेस्तरां और प्लाटून पुलों में आग लगने की स्थिति में, इन नावों का इस्तेमाल आग बुझाने के लिए किया जाएगा। टेंट या हाउसबोट में आग लगने की स्थिति में नावें सीधे नदी से पानी का इस्तेमाल करेंगी।
डिजिटल पहल से सरल होगी प्रक्रिया
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से टिकट लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है। महाकुंभ के दौरान प्रयागराज जंक्शन और अन्य प्रमुख स्थानों पर वाणिज्यिक विभाग के रेलकर्मी तैनात किए जाएंगे। इन कर्मियों को उनके हरे जैकेट से आसानी से पहचाना जा सकेगा, जिस पर पीछे एक क्यूआर कोड छपा होगा। तीर्थयात्री अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके इस क्यूआर कोड को स्कैन करके यूटीएस (अनारक्षित टिकट प्रणाली) मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप यात्रियों को लंबी कतारों में खड़े हुए बिना अनारक्षित टिकट बुक करने की अनुमति देता है। यह अभूतपूर्व पहल रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को कम करने के लिए बनाई गई है, जिससे तीर्थयात्री बिना किसी परेशानी के टिकट खरीद सकेंगे। इस प्रक्रिया में डिजिटल भुगतान विकल्पों को एकीकृत करने से समय की बचत होगी और महाकुंभ में भाग लेने वाले लाखों भक्तों के लिए परेशानी मुक्त अनुभव प्रदान करने का वादा किया गया है।


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