Iran Attack on Qatar Ras Laffan: खाड़ी देशों में भीषण जंग जारी है और अब सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के साथ ही एनर्जी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की चेतावनी के बाद, फारस की खाड़ी में स्थित प्रमुख ऊर्जा अवसंरचना पर हमला कर दिया है। जिससे कतर में एक प्रमुख LNG राफ लाफान में भीषण आग लग गई है।
रास लाफान पर हमला होने के बाद वैश्विक सप्लाई ठप होने की संभावना है क्योंकि यहां से दुनिया के कई देशों से लेकर एशिया और यूरोप को गैस सप्लाई होती है। ऐसे में यहां मिसाइल हमला सिर्फ एक देश पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था पर असर डाल सकता है।
Iran Attack on Qatar Ras Laffan: रास लाफान औद्योगिक शहर में लगी आग

कतर के मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा बल रास लाफान औद्योगिक शहर में लगी आग पर काबू पाने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं, यह एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक गैस केंद्र और कतर की अर्थव्यवस्था का आधार है। QatarEnergy ने पुष्टि की है कि रास लाफान पर मिसाइलों से हमला हुआ है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। कंपनी ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए आपातकालीन टीमों को तुरंत तैनात किया गया था और सभी कर्मी सुरक्षित हैं, किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
Iran Attack in Qatar LNG Plant: ईरानी मिसाइल हमले हुए
रास लाफान औद्योगिक शहर पर ईरानी मिसाइल हमले हुए हैं। जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान होने के कारण लगी आग को बुझाने के लिए आपातकालीन बचाव दल तुरंत तैनात किए गए। सभी कर्मियों का पता लगा लिया गया है और फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। कतर के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इस तरह के हमले खतरनाक तनाव बढ़ाने वाले, राज्य की संप्रभुता का घोर उल्लंघन करने वाले और इसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा हैं।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने रियाद के ऊपर चार बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका, जिनका मलबा पूरे शहर में बिखरा हुआ था, लेकिन प्रारंभिक आकलन के अनुसार किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
Middle East Tension: तेल और गैस ठिकानों पर हुए हमले
ईरान के सशस्त्र बलों की ओर से आईआरजीसी ने चेतावनी जारी की थी कि ईरान के विरोधियों को उसकी सशस्त्र सेनाओं की शक्तिशाली कार्रवाई का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि तेहरान ने विदेशी शक्तियों पर अपने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले का आरोप लगाया था। ईरान ने आरोप लगाया है कि दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार, साउथ पार्स गैस फील्ड सहित उसके तेल और गैस ठिकानों पर हुए हमलों के पीछे संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल का हाथ था। इसके बाद आईआरजीसी ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में कुछ ऊर्जा सुविधाओं के पास रहने वाले लोगों से सुरक्षित रहने का आग्रह किया, जिससे संभावित और हमलों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
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