Israel Pager Attack in Lebanon: मिडिल ईस्ट में ईरान- इजराइल और अमेरिका के बीच जारी जंग (सीजफायर के चलते ) 2 हफ्ते के लिए रुक गई है। लेकिन सीजफायर के कुछ हिन घंटे बाद इजराइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए । इजराइली सेना (IDF) के मुताबिक, महज 10 मिनट के भीतर करीब 100 ठिकानों पर एक साथ हमला किया गया। वहीं लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 254 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1165 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमलों का असर बेरूत, बेका वैली, माउंट लेबनान, सिडोन और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में देखा गया।
Israel Pager Attack in Lebanon: रिहायशी इलाकों को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइली हमले मुख्य रूप से रिहायशी इलाकों में किए गए। दक्षिणी बेरूत, बेका घाटी और दक्षिण लेबनान के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई। हालांकि, इजराइल का कहना है कि इन हमलों का लक्ष्य हिजबुल्लाह के ठिकाने और उसका इंफ्रास्ट्रक्चर था। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने दावा किया कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई है। वहीं हिजबुल्लाह ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आम नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाया गया है।
नेतन्याहू का बयान, लेबनान पर हमले जारी रहेंगे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि यह सीजफायर सिर्फ ईरान के संदर्भ में है, इसमें लेबनान शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा। नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि यह हालिया हमला नवंबर 2024 में हुए “पेजर अटैक” से भी बड़ा है। उन्होंने कहा कि इजराइल किसी भी समय ईरान के साथ फिर से सीधे संघर्ष में उतरने के लिए तैयार है।
‘पेजर अटैक’ क्या था?
“पेजर अटैक” सितंबर 2024 में हुआ एक अनोखा और हाई-टेक हमला था। 17 और 18 सितंबर को लेबनान और कुछ हिस्सों में सीरिया में अचानक हिजबुल्लाह के सदस्यों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हजारों पेजर और सैकड़ों वॉकी-टॉकी में विस्फोट हो गया। बताया गया कि हिजबुल्लाह अपने आपसी संपर्क के लिए पेजर का इस्तेमाल करता था। इजराइल की खुफिया एजेंसियों ने इसी सिस्टम को निशाना बनाकर विस्फोट कराए, जिससे हिजबुल्लाह का संचार नेटवर्क काफी हद तक कमजोर हो गया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव
लेबनान के हाउस स्पीकर नबीह बेरी ने इन हमलों को “युद्ध अपराध” बताया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ते हमले और जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व में तनाव और गहराता जा रहा है। इस पूरी स्थिति से साफ है कि भले ही कुछ मोर्चों पर सीजफायर लागू हो, लेकिन क्षेत्र में शांति अभी भी दूर की बात नजर आ रही है।
यह भी पढ़ें: ईरान से बात मनवाने के लिए आखिर अमेरिका ने पाकिस्तान का क्यों लिया सहारा? ये थी रणनीति





















