Ladki Bahin Yojana: महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए राज्य और केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। ऐसे ही महाराष्ट्र की लोकप्रिय मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना (Ladki Bahin Yojana) चलाई जा रही है। इसको लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इसमें ई-KYC प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 80 लाख महिलाएं इस योजना से बाहर हो गई हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, ई-KYC डेडलाइन खत्म होने के बाद योजना के लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर करीब 1.7 करोड़ रह गई है। इस योजना को लेकर अब राज्य की राजनीति गरमा गई है।
ई-KYC के लिए दिया था 8 महीने का समय
आपको बता दें कि वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने लाभार्थियों को ई-KYC पूरा करने के लिए लगभग 8 महीने का समय दिया गया था। इस दौरान कई महिलाओं ने KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की। जानकारी के मुताबिक, करीब 50 से 55 लाख महिलाओं ने ई-KYC पूरा नहीं किया, जबकि 2 से 3 लाख महिलाओं ने KYC प्रक्रिया पूरी की।
क्या ई-KYC पूरी न होने की वजह से ही कटे नाम?

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस योजना के शुरू होने के बाद राज्य भर में 2.46 करोड़ से अधिक महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके अब जब जांच की गई, तो लगभग 12 लाख महिलाएं आयकर दाता पाई गई और उनकी आय सीमा 2.5 लाख रुपये से अधिक थी। इसके अलावा 4.5 लाख से ज्यादा महिलाएं 65 से ज्यादा उम्र की थी। इसमें लगभग 5 लाख महिलाएं पहले से ही नमो शेतकरी योजना का लाभ ले रही थी। सरकार का कहना है कि सभी मामलों में दोबारा से जांच की जा रही है और जल्द ही अंतिम लाभार्थी लिस्ट स्पष्ट होगी।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताय कि लाभार्थियों को ई-KYC पूरा करने के लिए 8 महीने का समय दिया गया था। इस दौरान कई महिलाओं ने ये प्रक्रिया पूरी नहीं की। अधिकारी ने साफ़ किया कि 80 लाख महिलाओं का नाम सिर्फ ई-KYC करने की वजह से बाहर नहीं किया गया है। कई मामलों में पात्रता शर्ते पूरी न होने की वजह से भी नाम हटाए गए हैं।
Ladki Bahin Yojana e-KYC: सरकार ने इस मामले में क्या कहा?
फिलहाल इस मामले में सरकार की तरफ से कहा गया है कि सभी लाभार्थियों का डेटा क्रॉस-वेरिफिकेशन के बाद ही अंतिम रूप से तय किया जाएगा। इसके साथ ही जिन महिलाओं को लगता है कि नाम गलत तरीके से हटाया गया है, उन मामलों की भी जांच की जा रही है।


Download Android App
Download iOS App




