मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज दौरे के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की विशेष शटल बसों के साथ-साथ ‘अटल सेवा’ नामक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन सुविधाओं को बढ़ाने के लिए परिवहन निगम के बेड़े में ये नई बसें शामिल की गई हैं। मुख्यमंत्री महाकुंभ की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने प्रयागराज के दौरे पर थे। परेड क्षेत्र में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश के मंत्री दयाशंकर सिंह, नंद गोपाल नंदी और स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में 100 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके अलावा प्रयागराज दौरा समाप्त कर एयरपोर्ट लौटते समय सीएम योगी सड़क की खूबसूरती को देखकर अपने वाहन से उतरकर सड़क पर टहलने लगे। उनके पीछे-पीछे उनके साथ चल रहे मंत्री और अधिकारी भी अपने वाहनों से उतरकर उनके साथ हो लिए। सीएम योगी ने एयरपोर्ट मार्ग की खूबसूरती की प्रशंसा की। उन्होंने सड़क पर पैदल चलते हुए सोच-समझकर लगाई गई हरियाली और भूनिर्माण को देखा और उसकी सराहना की। इस आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह मौजूद थे।
तीर्थराज प्रयागराज में दिव्य व भव्य महाकुम्भ-2025 के दृष्टिगत आज उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की शटल बसों तथा ‘अटल सेवा’ इलेक्ट्रिक बसों को फ्लैग-ऑफ किया।
इस महासमागम में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु डबल इंजन की सरकार पूर्ण प्रतिबद्ध है।@UPSRTCHQ pic.twitter.com/oNnWsmPcB7
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 10, 2025
इससे पहले दिन में सीएम योगी ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में नंदी सेवा संस्थान द्वारा संचालित ‘मां की रसोई’ नाम से एक विशेष रसोई का उद्घाटन किया। उन्होंने गरीबों की सेवा करने वाले गुणवत्तापूर्ण भोजन के साथ स्वच्छ रसोई बनाए रखने के संगठन के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने उद्घाटन के दौरान विशेष रसोई का निरीक्षण करते हुए लोगों को ‘थाली’ भी परोसी। उन्होंने ‘मां की रसोई’ का शुभारंभ किया और लोगों को खिलाने के लिए किए गए इंतजामों का निरीक्षण किया। यूपी के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के साथ आदित्यनाथ ने उस रसोई का भी जायजा लिया जहां भोजन तैयार किया जा रहा था।
महाकुंभ 12 साल बाद मनाया जा रहा है और इस आयोजन में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। महाकुंभ के दौरान श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाने के लिए गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर एकत्रित होंगे। महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को होगा। कुंभ के मुख्य स्नान अनुष्ठान (शाही स्नान) 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 29 जनवरी (मौनी अमावस्या) और 3 फरवरी (बसंत पंचमी) को होंगे।

























