Middle East Crisis: पश्चिम एशिया में इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग का असर अब भारत पर भी देखने को मिल रहा है। इस क्षेत्र में बढ़ती हिंसा के बीच 5 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य भारतीय अब भी लापता बताया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने आज यानी 14 मार्च को दिल्ली में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय दूतावास लगातार सक्रिय हैं और वहां फंसे भारतीयों की हर संभव मदद की जा रही है।
Middle East Crisis: लगातार संपर्क में भारतीय दूतावास
असीम महाजन ने बताया कि ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। लापता भारतीय नागरिक की तलाश के लिए भी प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि जिन भारतीयों की मौत हुई है, उनके पार्थिव शरीर को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जल्द से जल्द भारत भेजने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा दूतावासों की टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं ताकि संकट में फंसे भारतीयों को सहायता मिल सके।
नाविकों को भी दी जा रही सहायता
विदेश मंत्रालय ने बताया कि समुद्री क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए मंत्रालय बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है। समुद्री मार्गों में बढ़ते खतरे को देखते हुए जहाजों पर तैनात भारतीयों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उड़ानें बंद होने से बढ़ी परेशानी
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने के कारण कुछ देशों से भारत के लिए सीधी उड़ानें फिलहाल बंद हो गई हैं। बहरीन और कुवैत जैसे देशों से भारत के लिए फ्लाइट सेवाएं प्रभावित हुई हैं। ऐसी स्थिति में वहां मौजूद भारतीयों को वैकल्पिक रास्तों से वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है। विदेश मंत्रालय की ओर से उन्हें वीजा विस्तार और ट्रांजिट वीजा दिलाने में मदद की जा रही है, ताकि वे सऊदी अरब के रास्ते भारत लौट सकें।
ओमान के सोहार शहर में हमला
ओमान के सोहार शहर में हुए एक हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। हालांकि राहत की बात यह है कि घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। भारतीय दूतावास की टीम मौके पर मौजूद है और ओमानी अधिकारियों, अस्पतालों और संबंधित कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है। साथ ही मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जहाज के चालक दल को सुरक्षित निकाला गया
असीम महाजन ने बताया कि ‘सेफसी विष्णु’ नाम के जहाज से जुड़े घटनाक्रम में चालक दल के 15 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल ये सभी इराक के बसरा शहर के एक होटल में ठहरे हुए हैं। सरकार इन सभी को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की तैयारी कर रही है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरे भारतीय जहाज
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी जहाज, शिवालिक और नंदा देवी — हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर चुके हैं। ये दोनों जहाज लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत की ओर आ रहे हैं और उम्मीद है कि 16 से 17 मार्च तक भारत पहुंच जाएंगे।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी वैश्विक चिंता
पश्चिम एशिया में हालात तब और बिगड़ गए जब 28 फरवरी को ईरान में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या हो गई। इसके बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इससे क्षेत्र के प्रमुख समुद्री मार्गों पर असर पड़ा है और वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अगर और बढ़ता है तो वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। युद्ध के 14वें दिन भी दोनों पक्षों के बीच हमले जारी हैं। वहीं ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी से दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है।
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