Pakistan ने बलूचिस्तान पर ढाया कहर, 2 बलूचों को ढूंढकर उतारा मौत के घाट; कइयों को किया अगवाह

Summary :

Pakistan Baloch killings Latest News: बलूचिस्तान में आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला अब चिंता का विषय बन चुका है। इस बीच, मानवाधिकार संगठनों ने हाल ही में कुछ गंभीर मामलों को उजागर किया है, जो क्षेत्र में आम नागरिकों पर हो रही हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। इसमें दो बलूचों की हत्या, 2 को अगवा और एक को हफ्तों तक यातना देने के बाद रिहाई का जिक्र है। मानवाधिकार संस्था बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने बताया कि 9 मार्च को खारान जिले में पाकिस्तान-समर्थित एक ‘डेथ स्क्वाड’ ने 24 वर्षीय मुहम्मद इस्माइल की हत्या कर दी…

Pakistan Baloch killings Latest News: बलूचिस्तान में आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला अब चिंता का विषय बन चुका है। इस बीच, मानवाधिकार संगठनों ने हाल ही में कुछ गंभीर मामलों को उजागर किया है, जो क्षेत्र में आम नागरिकों पर हो रही हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। इसमें दो बलूचों की हत्या, 2 को अगवा और एक को हफ्तों तक यातना देने के बाद रिहाई का जिक्र है।

मानवाधिकार संस्था बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने बताया कि 9 मार्च को खारान जिले में पाकिस्तान-समर्थित एक ‘डेथ स्क्वाड’ ने 24 वर्षीय मुहम्मद इस्माइल की हत्या कर दी थी। बीवाईसी के अनुसार, इस्माइल जून 2025 में अगवा होने से बच निकले थे और इस साल जनवरी में रिहा हुए थे, लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद उन्हें “ढूंढकर मार दिया गया।” इस मानवाधिकार संस्था ने इस क्रूर कृत्य को “बलूच लोगों को डराने और चुप कराने के एक सुनियोजित प्रयास” का हिस्सा बताया।

Pakistan Baloch killings Latest News: बीवाईसी ने तत्कालीन कार्रवाई की मांग की

Pakistan Baloch killing
Pakistan Baloch killing (Source: Social Media)

बीवाईसी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार रक्षकों से अपील की कि वे तत्काल कार्रवाई करें और “न्याय, गरिमा और स्वतंत्रता” के लिए बलूचों के संघर्ष में उनके साथ खड़े हों। बलूचिस्तान में नागरिकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को उजागर करते हुए, बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ ने 4 मार्च को केच जिले में 26 वर्षीय दुकानदार हातुम बलूच की क्रूर हत्या की निंदा की। रिपोर्टों का हवाला देते हुए, पांक ने बताया कि हातुम को एक सफेद गाड़ी में सवार कुछ अज्ञात हथियारबंद लोगों ने बहला-फुसलाकर उसकी दुकान से बाहर बुलाया। जब उसने भागने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

बलूच नागरिक पर हो रहे क्रूरता की आलोचना की

इस मानवाधिकार संस्था ने बलूच नागरिक इमदाद सैयद के साथ हुई क्रूर यातना की भी आलोचना की; सैयद को 6 फरवरी को केच के तुरबत शहर से जबरन गायब किए जाने के बाद 14 मार्च को रिहा किया गया था। पांक ने कहा कि रिहाई के समय सैयद की हालत बेहद चिंताजनक थी। संस्था ने कहा, “उसके शरीर पर कई निशान थे और उसकी कमजोर हालत इस बात की ओर इशारा करती है कि उसे किसी अज्ञात हिरासत केंद्र में रखा गया था, जहां उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं।

चिंता व्यक्त करते हुए पांक ने कहा, “बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के नागरिकों का अपहरण, उनकी हिरासत, और अंततः यातनाग्रस्त हालत में उनकी रिहाई—यह सब बलूचिस्तान में सक्रिय सुरक्षा बलों को मिली ‘दण्डमुक्ति’ (बिना सजा के बच निकलने) के लगातार जारी पैटर्न को दर्शाते हैं। ऐसी प्रथाएं मानवाधिकारों का उल्लंघन करती हैं, जिनमें स्वतंत्रता, गरिमा और यातना से सुरक्षा का अधिकार शामिल है।

Pakistan Baloch killing: बलूचों को जबरन उठा ले गए पाक सैनिक

Pakistan Baloch killing (1)
Pakistan Baloch killing (Source: Social Media)

इसके अलावा, पांक ने यह भी खुलासा किया कि बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के जिवानी इलाके से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा दो अन्य नागरिकों को भी जबरन गायब कर दिया गया। अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया है, जिनमें कहा गया है कि 10 मार्च को जिवानी के पनवान इलाके से 18 साल के दो छात्र, जईम और कंबर, को फ्रंटियर कोर (एफसी) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) से जुड़े कर्मियों ने जबरदस्ती गायब कर दिया था।

यह भी पढ़ें: खाड़ी देशों में जंग के बीच सोने चांदी के भाव में भारी गिरावट, जानें आज आपके शहर में कितना हुआ सस्ता?

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।