दुश्मन देखते रह गए! सऊदी ने लाल सागर से भेजी भारत को तेल की खेप, 60 लाख बैरल तेल लेकर रवाना हुए टैंकर

Summary :

Saudi Arabia Oil Supply India: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट में संकट के बीच भारत के लिए खुशखबरी है। सऊदी अरब ने भारत को तेल पहुंचाने के लिए नया रास्ता शुरू कर दिया है। लाल सागर के यानबू केंद्र से कई टैंकर तेल भरकर भारत के बंदरगाहों की ओर रवाना हो चुके हैं। इससे खाड़ी देशों की आपूर्ति में रुकावटों के बावजूद भारत को तेल मिलता रहेगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब होर्मुज के रास्ते जहाजों का गुजरना थोड़ा खतरनाक साबित हो रहा है। Iran Attack on Hormuz Strait…

Saudi Arabia Oil Supply India: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट में संकट के बीच भारत के लिए खुशखबरी है। सऊदी अरब ने भारत को तेल पहुंचाने के लिए नया रास्ता शुरू कर दिया है। लाल सागर के यानबू केंद्र से कई टैंकर तेल भरकर भारत के बंदरगाहों की ओर रवाना हो चुके हैं। इससे खाड़ी देशों की आपूर्ति में रुकावटों के बावजूद भारत को तेल मिलता रहेगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब होर्मुज के रास्ते जहाजों का गुजरना थोड़ा खतरनाक साबित हो रहा है।

Iran Attack on Hormuz Strait Ships: ईरान ने जहाजों को बनाया निशाना

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री जहाजों पर खतरा मंडरा रहा है। ईरान ने इस इलाके में कुछ जहाजों को निशाना बनाया है, जिसके बाद जहाज यहां से गुजरने से रुक रहे हैं। आपको बता दें कि वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा यानी 20% इसे रास्ते से होकर गुजरता है। खाड़ी देशों से होने वाला भारत का ऊर्जा आयात भी मुख्यतः इसी रास्ते से होता है।

Saudi Arabia India Oil Red Sea: सऊदी ने लाल सागर मार्ग से भारत को तेल सप्लाई शुरू की

Saudi Arabia Oil Supply India
Saudi Arabia Oil Supply India (Social Media)

अब सऊदी अरब ने लाल सागर के रास्ते भारत को सप्लाई शुरू की है। Kpler के ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, सऊदी अरब के चार कच्चे तेल के टैंकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन टैंकर में कुल 60 लाख बैरल तेल लदा है। इसके अलावा, महीने के अंत तक भारत में 90 लाख से 1 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल की खेप आने की उम्मीद है।

यानबू के रास्ते एशियाई बाजार में तेल भेजने की जानकारी सबसे पहले 16 मार्च को ब्लूमबर्ग ने दी थी। लेकिन सऊदी ने इसके लिए एक शर्त रखी है कि इस रास्ते से सिर्फ मासिक आपूर्ति का कुछ हिस्सा ही खरीदारों को मिलेगा। आइए इस शर्त के पीछे की वजह जानते हैं।

Saudi Arabia India Oil Supply: यानबू पाइपलाइन की क्षमता सीमित

  • आमतौर पर खाड़ी देशों का ज्यादातर तेल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है, जिसे सामने का दरवाजा कहा जाता है।
  • ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से यहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। पिछले दिनों ईरान ने कुछ जहाजों को निशाना बनाया था।
  • इसके अलावा लाल सागर में यानबू से भी तेल भेजा जा सकता है, जिसे पीछे का दरवाजा कहा जाता है।
  • यानबू तक तेल को पाइपलाइन से ले जाया जाता है, जो सऊदी अरब में 1200 किमी लंबी है।
  • इस पाइपलाइन की क्षमता सीमित है, इसलिए इससे उतना तेल नहीं भेजा जा सकता जितना होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भेजा जा सकता है।

Saudi Arabia Oil Supply India: लाल सागर मार्ग में भी खतरा

लाल सागर के रास्ते तेल भेजने में एक और मुश्किल है। यह मार्ग बाब अल मंदाब से होकर गुजरता है, जो यमन के ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों की हमलों की रेंज में है। पहले इजरायल और हमास युद्ध के दौरान हूतियों ने यहां से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रभावित हुई थी। हमलों के बाद जहाजों ने लंबा रास्ता अपनाया, लाल सागर छोड़कर अफ्रीका के नीचे से होकर गुजरने लगे। जिससे यातायात की लागत बढ़ गई थी। अगर हूती फिर हमला करते हैं, तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।