ईरानी ड्रोन खतरे के बीच अमेरिका ने यूक्रेन से मांगी मदद! जेलेंस्की ने सुरक्षा के लिए भेजे ड्रोन एक्सपर्ट

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Ukraine Sends Drone Experts to US Bases: दुनिया की राजनीति और युद्ध की परिस्थितियां समय के साथ बदलती रहती हैं। कभी जो देश एक-दूसरे के खिलाफ खड़े नजर आते हैं, वही समय आने पर सहयोग भी करते दिखाई देते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण इस समय देखने को मिल रहा है, जहां यूक्रेन ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए अपने ड्रोन विशेषज्ञों को भेजने का फैसला किया है। Ukraine Sends Drone Experts to US Bases: जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा के लिए भेजी टीम यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने जानकारी दी कि यूक्रेन ने जॉर्डन में…

Ukraine Sends Drone Experts to US Bases: दुनिया की राजनीति और युद्ध की परिस्थितियां समय के साथ बदलती रहती हैं। कभी जो देश एक-दूसरे के खिलाफ खड़े नजर आते हैं, वही समय आने पर सहयोग भी करते दिखाई देते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण इस समय देखने को मिल रहा है, जहां यूक्रेन ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए अपने ड्रोन विशेषज्ञों को भेजने का फैसला किया है।

Ukraine Sends Drone Experts to US Bases: जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा के लिए भेजी टीम

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने जानकारी दी कि यूक्रेन ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों की सुरक्षा के लिए इंटरसेप्टर ड्रोन और एक्स्पर्ट्स की एक टीम भेजी है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की ओर से गुरुवार को मदद का अनुरोध किया गया था, जिसके बाद यूक्रेन ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अगले ही दिन अपने एक्स्पर्ट्स को रवाना कर दिया। जेलेंस्की ने कहा कि जब अमेरिका ने सहायता मांगी तो यूक्रेन ने बिना देरी के समर्थन देने का फैसला किया। उनके अनुसार, यूक्रेन ने अपने अनुभवी ड्रोन ऑपरेटर और तकनीकी विशेषज्ञ भेजे हैं, जो अमेरिकी ठिकानों को संभावित ड्रोन हमलों से बचाने में मदद करेंगे।

ईरानी ड्रोन से बढ़ा खतरा

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान से जुड़े ड्रोन हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। खासतौर पर ईरानी डिजाइन वाले ड्रोन कई देशों के लिए चुनौती बन चुके हैं। रूस भी पिछले कुछ वर्षों से यूक्रेन के खिलाफ ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल करता रहा है। इसी अनुभव के कारण यूक्रेन ने इन ड्रोन से बचाव के लिए खास तकनीक और रणनीतियां विकसित की हैं। अब यूक्रेन उसी विशेषज्ञता का उपयोग अमेरिका और उसके सहयोगियों की मदद के लिए कर रहा है।

यूक्रेन को मिल सकता है कूटनीतिक फायदा

यूक्रेन का मानना है कि इस सहयोग से उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक लाभ मिल सकता है। विशेष रूप से अमेरिका के साथ उसके संबंध और मजबूत हो सकते हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहा था कि रूस-यूक्रेन शांति समझौते में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में यूक्रेन की यह मदद अमेरिका के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

रूस और ईरान के सहयोग पर अमेरिकी दावा

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि रूस ने युद्ध के दौरान ईरान को कई तरह की खुफिया जानकारी दी है। इसमें अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य ठिकानों से जुड़ी उपग्रह तस्वीरें भी शामिल बताई जा रही हैं। वहीं राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी कहा कि उन्हें ऐसी खुफिया जानकारी मिली है, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान से उड़ने वाले कुछ ड्रोन में रूसी तकनीक या पुर्जों का इस्तेमाल किया गया है।

पश्चिम एशिया के देशों को भी ऑफर

यूक्रेन ने केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया के अन्य देशों को भी ड्रोन तकनीक देने की पेशकश की है। बदले में यूक्रेन चाहता है कि उसे रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों से निपटने के लिए अधिक उन्नत रक्षा प्रणाली मिल सके। इसके अलावा यूक्रेन ने यह भी कहा है कि वह उन पश्चिम एशियाई देशों के साथ सहयोग करने को तैयार है, जो रूस पर युद्धविराम के लिए दबाव बना सकते हैं।

रूस पर दबाव बनाने की कोशिश

जेलेंस्की का मानना है कि पश्चिम एशिया के कुछ देशों के रूस के साथ मजबूत संबंध हैं। इसलिए वे रूस से बातचीत कर सकते हैं और उसे युद्धविराम के लिए राजी करने में भूमिका निभा सकते हैं। यूक्रेन की यह रणनीति बताती है कि वह सिर्फ युद्ध के मैदान में ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी रूस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यूक्रेन का यह कदम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई दिशा की ओर इशारा करता है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।