UP में फिर पंडित सवाल पर बवाल! अब 7वीं क्लास के EXAM में आए Question से मचा हड़कंप

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UP Pandit Question Controversy: उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक सवाल पर हंगामा हुआ था, और अब 7वीं कक्षा की संस्कृत परीक्षा में पूछी गई एक पहेली को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। UP Pandit Question Controversy: संस्कृत परीक्षा की पहेली से बढ़ा विवाद ताजा मामला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 7वीं कक्षा…

UP Pandit Question Controversy: उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक सवाल पर हंगामा हुआ था, और अब 7वीं कक्षा की संस्कृत परीक्षा में पूछी गई एक पहेली को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

UP Pandit Question Controversy: संस्कृत परीक्षा की पहेली से बढ़ा विवाद

UP Pandit Question Controversy
UP Pandit Question Controversy (Social Media)

ताजा मामला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 7वीं कक्षा की संस्कृत परीक्षा से जुड़ा है। इस परीक्षा में एक पहेली पूछी गई थी, “बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है, परंतु पंडित नहीं है।” इस पहेली में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह के सवाल से एक खास वर्ग को लेकर गलत संदेश जाता है। कई लोगों ने इसे जातिसूचक टिप्पणी मानते हुए विरोध दर्ज कराया है।

Class 7 Sanskrit Question Paper: विरोध और कार्रवाई की मांग

इस सवाल के सामने आने के बाद विभिन्न संगठनों और लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसी पहेलियां पाठ्यपुस्तकों में शामिल नहीं हैं, फिर भी इन्हें परीक्षा में शामिल किया गया। उन्होंने मांग की है कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का यह भी कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

SI Paper Controversy: SI भर्ती परीक्षा का विवाद अभी ठंडा नहीं

SI Paper Controversy
SI Paper Controversy (Social Media)

इससे पहले 14 और 15 मार्च को आयोजित यूपी पुलिस SI भर्ती परीक्षा भी विवादों में रही थी। 14 मार्च की परीक्षा में ‘अवसरवादी कौन?’ से जुड़ा एक सवाल पूछा गया था, जिसमें दिए गए विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द भी शामिल था। इस सवाल पर भी काफी विरोध हुआ था और मामला राजनीतिक स्तर तक पहुंच गया था। कई विधायकों ने इस पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

लगातार सामने आ रहे हैं ऐसे मामले

लगातार दो अलग-अलग परीक्षाओं में ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवाद सामने आने से लोगों में नाराजगी बढ़ी है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय उचित समीक्षा और संवेदनशीलता का ध्यान क्यों नहीं रखा जा रहा है। एक्स्पर्ट्स का मानना है कि परीक्षा से जुड़े हर सवाल को सावधानीपूर्वक जांचना जरूरी है, ताकि किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत न हों।

क्या होते हैं परिषदीय स्कूल?

परिषदीय स्कूल उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित सरकारी विद्यालय होते हैं। इनमें प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) तक की पढ़ाई होती है। इन स्कूलों में बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा दी जाती है। साथ ही मिड-डे मील, बेहतर कक्षाएं और बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिल सके।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।