ईरान पर विवादित टिप्पणी के बाद घिरे डोनाल्ड ट्रंप, 25वें संशोधन के तहत उठ रही हटाने की मांग

US 25th Amendment

US 25th Amendment : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान के कारण अमेरिका की राजनीति में घिर गए हैं। उनके बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और अब उनके खिलाफ संविधान के 25वें संशोधन के तहत कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम पांच सांसदों ने ट्रंप को पद से हटाने के लिए इस प्रावधान का इस्तेमाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रंप अपने दायित्वों को सही ढंग से निभाने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए उन्हें पद से हटाना ही उचित कदम होगा।

US 25th Amendment: ईरान पर टिप्पणी बनी विवाद की वजह

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US 25th Amendment (Source: Social Media)

बताया जा रहा है कि 4 अप्रैल, रविवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को लेकर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पोस्ट के बाद विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

यूएस स्टेट रिप्रजेंटेटिव बेक्का बालिंट ने कहा कि यदि इसी तरह की टिप्पणी किसी डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति ने की होती, तो रिपब्लिकन नेता तत्काल उन्हें पद से हटाने की मांग करते। उन्होंने भी ट्रंप को हटाने की मांग का समर्थन किया।

कई सांसदों ने जताई कड़ी आपत्ति

सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि अगर वे ट्रंप की कैबिनेट का हिस्सा होते, तो 25वें संशोधन को लागू करने के लिए कानूनी सलाह लेने पर विचार करते. वहीं कांग्रेस सदस्य यास्मीन अंसारी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रंप के बयान से वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का खतरा बढ़ सकता है। रिप्रजेंटेटिव मेलेनी स्टांसबेरी ने भी ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि इस मुद्दे पर गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।

अमेरिका के संविधान का 25वां संशोधन राष्ट्रपति के पद से हटने या हटाए जाने की स्थिति से जुड़ा है। यह प्रावधान उस समय लागू होता है जब राष्ट्रपति की मृत्यु हो जाए, वे इस्तीफा दे दें या किसी कारणवश अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हो जाएं। इस स्थिति में उपराष्ट्रपति शेष कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति का पद संभाल सकते हैं।

US 25th Amendment: कैसे लागू होता है यह प्रावधान

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US 25th Amendment (Source: Social Media)

25वें संशोधन को लागू करने के लिए सबसे पहले राष्ट्रपति की कैबिनेट को प्रस्ताव लाना पड़ता है। अगर राष्ट्रपति इसका विरोध करते हैं, तो मामला कांग्रेस में भेजा जाता है। इसके बाद सीनेट और प्रतिनिधि सभा के दो-तिहाई सदस्य यदि इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करते हैं, तो राष्ट्रपति को पद छोड़ना पड़ सकता है।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान पर विवादित टिप्पणी के बाद ट्रंप ने तीन दिनों की छुट्टी ले ली है। इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी राजनीति में इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई है।

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