कांग्रेस ने चुनाव आयोग द्वारा अपने आयुक्त अशोक लवासा की असहमति को रिकॉर्ड करने से मना किए जाने से जुड़ी खबर को लेकर सवाल किया कि जब यह संवैधानिक संस्था अपने कामकाज में निष्पक्ष नहीं हो सकती तो भला निष्पक्ष चुनाव कैसे कराएगी।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ”यह संवैधानिक उपहास का विषय है। चुनाव आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करने में ”काले राज” की नई परिपाटी शुरू करना चाहता है।” उन्होंने पूछा, ”अगर आयोग अपने कामकाज में निष्पक्ष नहीं हो सकता तो वह कैसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कैसे सुनिश्चित करेगा ?”
एग्जिट पोल के संकेत : कांग्रेस के भ्रष्टाचार और लोक कल्याण जैसे मुद्दे नहीं चले !
खबरों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में क्लीन चिट दिए जाने के फैसले पर लवासा की असहमति रिकॉर्ड करने के आग्रह को अस्वीकार कर दिया है। आयोग ने 2:1 के बहुमत से यह निर्णय लिया।


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