AAP Leader Sanjay Singh: उत्तर प्रदेश में साल 2021 में जिला पंचायत चुनाव के दौरान आचार संहिता व महामारी अधिनियम से जुड़े मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को सांसद-विधायक (एमपी/एमएलए) कोर्ट में सरेंडर किया।
Highlights:
- आप नेता संजय सिंह ( Sanjay Singh ) ने उत्तरप्रदेश की कोर्ट में किया सरेंडर
- साल 2021 में जिला पंचायत के दौरान आचार सहिंता उल्लंघन करने का है मामला
- कोविड काल में बिना अनुमति के पंचायत सदस्य के समर्थन में कर रहे थे सभा
विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने संजय सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए ‘आप’ नेता को जमानत व मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
20 हजार रुपये के मुचलके पर दी जमानत
सिंह की ओर से पेश अधिवक्ता मदन प्रताप सिंह ने कहा, संजय सिंह ने अदालत द्वारा जारी जमानती वारंट के अनुपालन में यहां एमपी/एमएलए अदालत में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने संजय सिंह को 20 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। इससे पहले अदालत ने कई सुनवाई में पेश न होने पर सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था।
बिना अनुमति के जिला पंचायत के पक्ष में कर रहे थे सभा
विशेष लोक अभियोजक वैभव पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 अप्रैल 2021 को बंधुआकला थानाध्यक्ष प्रवीन कुमार सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि राज्यसभा सदस्य संजय सिंह हसनपुर गांव में ‘आप’ पार्टी की जिलापंचायत सदस्य सलमा बेगम के पक्ष में सभा कर रहे थे, जिसकी अनुमति उनके पास नहीं थी।
कोविड काल में महामारी अधिनियम के तहत दर्ज हुआ था मामला
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, संजय सिंह के साथ 50 से 60 लोग और थे। उनके इस कृत्य से महामारी अधिनियम व आचार संहिता का उल्लंघन हुआ। प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बाद पुलिस ने हसनपुर के रहने वाले मकसूद अंसारी, सलीम अंसारी जगदीश यादव, मकसूद, सुकई, धर्मराज, जीशान, सहबान, सिकंदर, जलील व अजय को आरोपी बनाकर आरोप पत्र न्यायालय भेजा।
अधिकारियों के मुताबिक, अन्य आरोपियों ने मामले में जमानत करवा ली लेकिन संजय सिंह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।


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