Paris Olympic 2024 : निशांत देव हारे, पेरिस ओलंपिक से बाहर

Summary :

निशांत देव 71 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हार के साथ पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल करने से चूक गए जबकि यहां पहले विश्व ओलंपिक मुक्केबाजी क्वालीफायर से सभी भारतीय मुक्केबाजी खाली हाथ लौटे। निशांत को सोमवार देर रात हुए लाइट मिडिलवेट वर्ग के क्वार्टर फाइनल में विश्व चैंपियनशिप 2021 के रजत पदक विजेता अमेरिका के ओमारी जोन्स के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।      HIGHLIGHTS निशांत देव बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप क्वार्टर फाइनल में हारे Paris Olympic 2024 की रेस से भी हुए बाहर ओमारी जोन्स ने  1-4 से हराया विश्व चैंपियनशिप 2023 के कांस्य…

निशांत देव 71 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हार के साथ पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल करने से चूक गए जबकि यहां पहले विश्व ओलंपिक मुक्केबाजी क्वालीफायर से सभी भारतीय मुक्केबाजी खाली हाथ लौटे। निशांत को सोमवार देर रात हुए लाइट मिडिलवेट वर्ग के क्वार्टर फाइनल में विश्व चैंपियनशिप 2021 के रजत पदक विजेता अमेरिका के ओमारी जोन्स के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।

     HIGHLIGHTS

  • निशांत देव बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप क्वार्टर फाइनल में हारे
  • Paris Olympic 2024 की रेस से भी हुए बाहर
  • ओमारी जोन्स ने  1-4 से हराया

विश्व चैंपियनशिप 2023 के कांस्य पदक विजेता निशांत अगर अंतिम आठ चरण का मुकाबला जीत लेते तो पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल कर लेते. यहां हिस्सा ले रहे नौ भारतीय मुक्केबाजों में से कोई भी मुक्केबाजी में देश के चार ओलंपिक कोटा में इजाफा नहीं कर पाया. एशियाई खेल और पहले विश्व ओलंपिक मुक्केबाजी क्वालीफायर के रूप में दो क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट खत्म होने के बाद भी कोई भारतीय पुरुष मुक्केबाज ओलंपिक में जगह नहीं बना पाया है।

भारत ने अपने चारों ओलंपिक कोटा महिला वर्ग में हासिल किए हैं। दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन (50 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), परवीन हुड्डा (57 किग्रा) और तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) ओलंपिक कोटा हासिल कर चुकी हैं. भारतीय मुक्केबाजों को 23 मई से तीन जून तक बैंकॉक में होने वाले दूसरे विश्व ओलंपिक मुक्केबाजी क्वालीफायर से पेरिस की टिकट कटाने का अंतिम मौका मिलेगा। इस प्रतियोगिता से 45 से 51 मुक्केबाजों के पास पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का मौका होगा।

भारत के नौ मुक्केबाजों ने तोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लिया था जिसमें सिर्फ लवलीना (कांस्य) पदक जीत पाईं थी. सोमवार रात हुए मुकाबले में निशांत ने धीमी शुरुआती की। जोन्स ने शुरुआती मिनटों में ही अपनी तेजी के दम पर भारतीय मुक्केबाज को कुछ दमदार मुक्के जड़ते हुए बढ़त बनाई.निशांत ने पहले राउंड के अंतिम लम्हों में वापसी की लेकिन शुरुआती तीन मिनट के बाद सभी पांच जजों ने विरोधी मुक्केबाज को अंक दिए।

तेइस साल के निशांत ने दूसरे राउंड में आक्रामक शुरुआत की. दोनों मुक्केबाजों ने एक दूसरे को मुक्के जड़े लेकिन जोन्स ने अपनी तेजी की बदौलत अपना पलड़ा भारी रखा। दोनों मुक्केबाजों को दूसरे राउंड में चेतावनी मिली. मुकाबले आगे बढ़ने के साथ निशांत का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने दूसरा राउंड 4-1 से जीता। हरियाणा के मुक्केबाज ने तीसरे दौर में सकारात्मक शुरुआत की। उन्होंने दाएं हाथ से कुछ दमदार मुक्के जड़े. जोन्स को इस दौरान बाईं आंख के नीचे कट लगा जिससे वह असहज दिखे।

जोन्स ने हालांकि तेजी दिखाई लेकिन दोनों मुक्केबाज थके हुए लग रहे थे। अंतिम मिनट में अमेरिकी मुक्केबाज ने निशांत पर कई मुक्के बरसाए और पांच में से तीन जज ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इस फैसले से निशांत स्तब्ध दिेखे।

Ravi Kumar

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