Sitapur News : सीतापुर पुलिस और स्वाट टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के कई राज्यों में करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले एक अंतरराज्यीय शातिर ठग दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देशन में थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम ने यह सफलता हासिल की। गिरफ्तार दंपत्ति खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का ब्रांच मैनेजर और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बताकर लोगों को चूना लगाता था। पुलिस ने इनके पास से 14 लाख रुपये नकद, 38.740 ग्राम सोने के आभूषण, फर्जी पहचान पत्र और एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
रेकी कर किराए पर लिया मकान
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रोहित बाजपेयी (निवासी मकरंद नगर, कन्नौज) और उसकी पत्नी अन्नू बाजपेयी उर्फ चंद्रा (निवासी चितवन, नेपाल) ने मई 2026 में सीतापुर आकर इलाके की रेकी की थी। इसके बाद 31 अगस्त 2026 को वे प्रेम नगर (सीतापुर) में रामनरेश जायसवाल के मकान में किराए पर रहने आए।
रोहित बाजपेयी ने खुद को PNB शाखा मिश्रिख, सीतापुर का शाखा प्रबंधक बताया और जाली आईडी कार्ड दिखाया। वहीं, उसकी पत्नी अन्नू बाजपेयी ने खुद को इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बताते हुए फर्जी पहचान पत्र पेश किया। स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने के बाद उन्होंने नीलामी का सस्ता सोना दिलाने और कटे-फटे/दीमक लगे नोटों को बदलवाने का झांसा दिया।
27 लाख रुपये समेटकर अर्टिगा कार से हुए फरार
दंपत्ति ने मकान मालिक रामनरेश जायसवाल से गोल्ड नीलामी के नाम पर 20 लाख और नोट बदलने के नाम पर 2 लाख (कुल 22 लाख रुपये) ऐंठ लिए। इसके अलावा दीदी प्रेमलता बाजपेयी के माध्यम से 1 लाख रुपये और एक लॉन्ड्री संचालक अतुल से 4 लाख रुपये ठग लिए।
कुल 27 लाख रुपये की ठगी करने के बाद 14 सितंबर 2026 को आरोपी इटावा से बुलाई गई अर्टिगा कार से सीतापुर से चंपत हो गए। पुलिस से बचने के लिए वे आगरा, कोटा, बैतूल और चेन्नई जैसे शहरों में लगातार गाड़ियां बदलकर छुपते रहे। ठगी की रकम से उन्होंने बिना बिल के करीब 6 लाख रुपये के सोने के जेवर और 50,000 रुपये के दो नए मोबाइल फोन खरीदे, जबकि बाकी पैसे यात्रा, होटलों और रोजमर्रा के खर्चों में उड़ा दिए।
साल 2005 से सक्रिय, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे साल 2005 से ही धोखाधड़ी के धंधे में हैं। उनका काम करने का तरीका (Modus Operandi) यह था कि वे रिहायशी इलाकों में बड़ा मकान किराए पर लेते थे। खुद को बैंक मैनेजर, एयरपोर्ट अफसर या कस्टम अधिकारी बताकर लोगों से घुल-मिल जाते थे और फिर सस्ती नीलामी के नाम पर लाखों रुपये ठग कर फरार हो जाते थे।
आरोपियों ने उत्तर प्रदेश (झांसी, गाजियाबाद, बनारस, कुशीनगर, सीतापुर), मध्य प्रदेश (उज्जैन, रीवा, शिवपुरी), ओडिशा (भुवनेश्वर), राजस्थान (बीकानेर) और बिहार (पूर्णिया) समेत कई राज्यों में करोड़ों की ठगी की बात स्वीकार की है। आरोपी रोहित बाजपेयी पर ओडिशा, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी के विभिन्न थानों में बीएनएस (BNS) व आईपीसी (IPC) की धाराओं के तहत दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
बरामदगी का पूरा विवरण
नकद राशि: ₹14,00000/- (चौदह लाख रुपये नकद – 500 रुपये की 28 गड्डियां)
सोने के आभूषण: 38 ग्राम 740 मिलीग्राम (1 चेन मय लॉकेट, 1 चेन, 3 अंगूठी, 2 कान के टप्स, 2 ब्रेसलेट – अनुमानित कीमत ₹6 लाख)
कूटरचित दस्तावेज: PNB बैंक शाखा प्रबंधक का 1 फर्जी ID कार्ड, आयकर विभाग का 1 फर्जी पहचान पत्र, 2 जाली आधार कार्ड और 1 जाली पैन कार्ड
इलेक्ट्रॉनिक्स: 2 नए एंड्रॉइड मोबाइल (OPPO व SAMSUNG) और 2 पुराने मोबाइल फोन
पुलिस टीम को 25,000 रुपये का इनाम
इस कार्रवाई को अंजाम देने में कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रकाश पाण्डेय, उप-निरीक्षक रामचंद्र यादव, मंजीत कुमार, अवधेश यादव और स्वाट टीम के उप-निरीक्षक अरविंद शुक्ला व उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस और स्वाट टीम की इस सराहनीय सफलता पर एसपी सीतापुर अंकुर अग्रवाल ने पूरी टीम को ₹25,000 (पच्चीस हजार रुपये) के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।


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