BSP mayawati : बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देश में लगातार तीखे और कड़वे होते राजनीतिक चर्चाओं पर गहरी चिंता जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लम्बा संदेश जारी करते हुए मायवती ने चेतावनी दी कि राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के बीच आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की बढ़ती होड़ देश के राजनीतिक वातावरण को और अधिक कड़वा तथा जहरीला बना सकती है।
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के बाद आई प्रतिक्रिया
मायावती का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर आपत्तिजनक शब्द कहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 25 अक्टूबर 2026 को पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था।
कार्यक्रम के दौरान जब मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण दे रहे थे, तब भीड़ में से किसी ने चिल्लाकर कहा, “मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे, वो यहीं रहेंगे।”
हालांकि, मायावती ने किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि सार्वजनिक जीवन में शीर्ष पदों पर बैठे जिम्मेदार व्यक्तियों को भी एक-दूसरे के प्रति जहर उगलने वाली राजनीति को बढ़ावा देने से बचना चाहिए। यदि वे एक-दूसरे को उचित सम्मान नहीं दे सकते, तब भी उन्हें संयम और शिष्टाचार का पालन करना चाहिए।
1. भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष, कटूता, आरोप-प्रत्यारोप आदि का स्तर, गिरते-गिरते अब व्यक्तिगत स्तर पर भी काफी बेलगाम होकर असंसदीय, अमर्यादित, अपमानजनक, संकीर्ण व जातिवाद से ग्रसित होता हुआ, हिंसक बयानबाजी़ तक भी पहुँच जाना अति-दुखद तथा देश की गरिमा व मान-मर्यादा आदि के लिये भी अति-चिन्तनीय।
2. इतना ही नहीं बल्कि इससे बढ़कर शीर्ष स्तर पर भी आसीन लोगों के लिये एक-दूसरे के लिये अगर समुचित सम्मान नहीं तो आपत्तिजनक एवं विषैली राजनीति को अवश्य ही किसी भी प्रकार से बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिये, वरना ख़ासकर बढ़ती संकीर्ण व ग़रीब-विरोधी स्वार्थी राजनीति के प्रचलन के कारण लोगों का भरोसा यहाँ की राजनीतिक व्यवस्था पर कमज़ोर होना कतई भी देश व जनहित में नहीं होगा।
3. वैसे भी सरकारी स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार व चुनावी प्रक्रिया पर भी ऊंगली उठने के कारण जनता में पहले से ही काफी बेचैनी है और ऐसे में नेताओं के बीच आपस में नाक की लड़ाई स्थिति को और भी अधिक विषम बना रही है, जबकि जनता की चाहत देश की बढ़ती ग़रीबी, बेरोज़गारी व महंगाई आदि जैसी ज्वलन्त समस्याओं के निदान पर सभी का ध्यान केन्द्रित करने की है।
4. ऐसे में ख़ासकर सभी पार्टियों व उनके नेताओं के बीच अशोभनीय टीका-टिप्पणी व बयानबाजी का बढ़ता हुआ होड़ यहाँ राजनीतिक माहौल को और भी अधिक कड़वा व विषैला बनायेगा, जो अनुचित। सभी लोग इस ओर ज़रूर समुचित ध्यान दें तो यह बेहतर।— Mayawati (@Mayawati) October 27, 2026
बयानबाजी पर सख्त चेतावनी
गौरतलब है कि यह पूरा मामला ऐसे समय में गरमाया है जब विपक्षी दल मतदाता सूचियों के SIR से जुड़ी अनियमितताओं का हवाला देकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हमलावर हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इस माहौल पर मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नेताओं के बीच अभद्र बयान देने की प्रतियोगिता से देश का माहौल और खराब होगा, जो बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को समय रहते अपनी भाषा और विमर्श में सुधार लाने की सलाह दी है।
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