अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान में मिली कीमती वस्तुओं के गायब होने के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि मंदिर को दान में मिली कोई भी कीमती वस्तु गायब नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने साफ कहा कि सभी सामान ट्रस्ट की निगरानी में पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रस्ट ने उन वस्तुओं को भी मीडिया के सामने रखा, जिनके गायब होने की चर्चा हो रही थी। इनमें सोने की रामचरितमानस, भगवान राम के चरण चिन्ह, सोने के हार और काकभुशुंडि जैसी कीमती वस्तुएं शामिल थीं।
पूर्व IAS अधिकारी ने लगाए थे आरोप

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व आईएएस अधिकारी एस. लक्ष्मीनारायणन ने दावा किया कि उनके परिवार ने अप्रैल 2024 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को करीब पांच करोड़ रुपये कीमत वाली सोने की परत चढ़ी रामचरितमानस दान की थी। उनके अनुसार, यह ग्रंथ कुछ समय तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा गया, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया। उनका कहना था कि इसके बाद उन्हें उस वस्तु के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि दान में मिली किसी भी वस्तु के चोरी होने या गायब होने की बात सही नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के पास सभी वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है और उन्हें सुरक्षित रखा गया है। ट्रस्ट ने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें।
जो वस्तुयें और मूर्ति इत्यादी श्री राम मंदिर ट्रस्ट न्यास को सौंपी गई थीं, सुरक्षित हैं.
अब तक छल करके क्या दिखाने का प्रयास किया गया यह सब को समझ में आ रहा है. जिन्होंने चढ़ावे में चोरी की उनका भी सत्य सामने आएगा। pic.twitter.com/VWKfRogoRU— Onkar Pandey (@iOnkarPandey) July 6, 2026
22 जुलाई को होगी अगली बैठक

ट्रस्ट ने बताया कि पूरे मामले की जांच और तथ्यों की समीक्षा के लिए एक समिति बनाई गई है। यह समिति सभी पहलुओं की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके अलावा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) भी अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी। इस बैठक में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। साथ ही मंदिर प्रशासन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जाएंगे। बैठक में नए प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति, कुछ नए पदाधिकारियों और नए न्यासियों के चयन पर भी विचार किया जाएगा।
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर

बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया। ट्रस्ट ने महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास सहित कुल सात स्थायी सदस्य मौजूद रहे। बैठक शाम करीब 6:30 बजे समाप्त हुई। ट्रस्ट का कहना है कि सभी फैसले नियमों के अनुसार लिए जा रहे हैं और मंदिर की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित की जाएगी।


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