उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धामी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए है। अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगा और शारदा नदियों के धार्मिक और सांस्कृतिक का महत्व बढ़ाने और राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा और शारदा पवित्र नदियों के किनारे गलियारे विकसित करने की घोषणा कर दी है। इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि गंगा और शारदा नदियाँ न केवल हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं, बल्कि करोड़ों देशवासियों की आस्था का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। BJP की डबल इंजन सरकार इन नदियों के किनारे गलियारे विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिससे देश भर और विदेश के श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक पर्यटन अधिक सुलभ और सुविधाजनक होगा।
गंगा और शारदा नदी न केवल हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, बल्कि इन नदियों से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर भी करोड़ों देशवासियों के लिए आस्था का केंद्र है।
हमारी डबल इंजन सरकार द्वारा इन नदियों पर कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा… pic.twitter.com/5krMTUVRLi
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 22, 2025
गंगा और शारदा नदियों के गलियारों को विकसित करने का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को बढ़ाना और उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएँ प्रदान करना है, जिससे राज्य की एक प्रमुख आध्यात्मिक पहचान के रूप में स्थिति मजबूत होगी। यह पहल उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा भी देगी। बता दें कि इस महत्वपूर्ण कदम से पहले सीएम धामी ने वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों तरह के विचारों को आकार देने में प्राचीन भारतीय शास्त्रों पर ध्यान दिया था।
पतंजलि विश्वविद्यालय में किया संबोधित
CM पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में पतंजलि विश्वविद्यालय में 62वें अखिल भारतीय शास्त्रोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए वैदिक ज्ञान आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति को प्रेरित करते हुए कहा कि हमारे शास्त्र जहां योगासन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से शरीर और मन को स्वस्थ रखने की शिक्षा देते हैं, वहीं अंकगणित, बीजगणित, व्याकरण, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, खगोल विज्ञान कई रहस्यों से पर्दा उठाते हैं।


Download Android App
Download iOS App



