अगर ये युद्ध न हुए होते तो आज भारत का नक्शा अलग होता

Summary :

भारत में लड़े गए वो युद्ध जिन्होंने भारत की दशा और दिशा बदल दी झेलम की लड़ाई, सिकंदर और पोरस 326 BCE जिसमे पोरस ही हार हुई। इसके बाद भारत में पश्चिमी प्रभाव बढ़ने लगा चन्द्रगुप्त मौर्य और सेल्युकस 305 BCE , चन्द्रगुप्त ने विदेशी आक्रमणकारियों को वापस खदेड़ दिया कलिंग युद्ध, सम्राट अशोक और राजा अनंत पद्मनाभ 261 BCE इसके बाद अशोक ने पूरी दुनिया में बौद्ध धर्म को फैलाया तराइन का दूसरा युद्ध पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद घोरी 1191 इस युद्ध ने दिल्ली पर मुस्लिम राज की नींव रखी दीव की लड़ाई, पुर्तगालियों बनाम गुजरात के सुल्तान तथा…

भारत में लड़े गए वो युद्ध जिन्होंने भारत की दशा और दिशा बदल दी

झेलम की लड़ाई, सिकंदर और पोरस 326 BCE जिसमे पोरस ही हार हुई। इसके बाद भारत में पश्चिमी प्रभाव बढ़ने लगा

चन्द्रगुप्त मौर्य और सेल्युकस 305 BCE , चन्द्रगुप्त ने विदेशी आक्रमणकारियों को वापस खदेड़ दिया

कलिंग युद्ध, सम्राट अशोक और राजा अनंत पद्मनाभ 261 BCE इसके बाद अशोक ने पूरी दुनिया में बौद्ध धर्म को फैलाया

तराइन का दूसरा युद्ध पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद घोरी 1191 इस युद्ध ने दिल्ली पर मुस्लिम राज की नींव रखी

दीव की लड़ाई, पुर्तगालियों बनाम गुजरात के सुल्तान तथा अन्य सेनाएं 1509, यूरोपी ताकतों के भारत में प्रवेश का रास्ता खुल गया

पानीपत की पहली जंग, बाबर बनाम इब्राहिम लोधी साल 1526, मुगलों का आगमन

पानीपत की दूसरी जंग , हेमू बनाम अकबर साल 1556, आखिरी हिन्दू राजा का उत्तर भारत से सफाया

प्लासी का युद्ध, अंग्रेज बनाम सिराज उद दौला साल 1757, अंग्रेजों का भारत पर आखिकार स्थापित हुआ

पानीपत की आखिरी जंग, मराठा बनाम अहमद शाह दुर्रानी साल 1761, इसके बाद मराठे कमजोर और अंग्रेज मजबूत हो गए

भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम, अंग्रेज बनाम भारतीय रियासतें साल 1857, भारतीय राजाओं का आखिरी प्रयास असफल

Vikas Julana