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By- Yogita Tyagi
April 14, 2024
9 अप्रैल 2024 से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है आज नवरात्रि का छठा दिन है जो माँ को समर्पित है
मां कात्यायनी की पूजा पुरे विधि-विधान के साथ करनी चाहिए आइए जानते हैं मां दुर्गा के कात्यायनी रूप के पीछे कौन सी कहानी छिपी है
एक पौराणिक कथा के अनुसार एक समय पर महर्षि कात्यायन को एक कन्या संतान प्राप्ति की इच्छा हुई जिसके लिए उन्होंने कठोर तप किया
महर्षि कात्यायन ने मां दुर्गा की तपस्या पुरे मन और ध्यान से की उनकी कठोर तपस्या से माँ दुर्गा बहुत प्रसन्न हुईं जिससे मां ने उन्हें स्वयं दर्शन दिए
कात्यायन ऋषि से माँ दुर्गा ने उनकी इच्छा पूछी जिसके बाद उन्होंने माता से एक पुत्री की इच्छा जाहिर की
उनकी इच्छा सुनने के बाद माँ दुर्गा ने उन्हें वचन दिया की वह बहुत जल्द खुद उनकी पुत्री बनकर जन्म लेंगी
जिसके बाद महिषासुर नाम के एक असुर के आतंक से देवता परेशान हो गए मुक्ति के लिए सभी देवता ब्रह्मा, विष्णु और महेश के पास पहुचें
तब उन्होंने अपने तेज से देवी को उत्पन्न किया उन्होंने महर्षि कात्यायन के घर जन्म लिया इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ गया
ऋषि कात्यायन ने सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि पर माँ कात्यायनी की पूर्ण विधि के साथ आराधना की
मां कात्यायनी ने दशमीं वाले दिन महिषासुर से एक बड़ा युद्ध किया जिसमें उसका अंत हो गया देवी ने इस युद्ध में और भी कई बड़े असुरों का अंत किया