अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के संबोधन के दौरान व्हाइट हाउस के सामने अमेरिकी ध्वज जलाए जाने की घटना के बाद ट्रम्प विरोधी और समर्थक समूहों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसी ‘सीक्रेट सर्विस’ के दो एजेंट घायल हो गए।
सूत्रों के बताया कि वामपंथी प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के बाहर झंडा जलाया। इसके बाद उनके और ट्रम्प समर्थकों के बीच झड़प हो गई। ये प्रदर्शन जिस जगह हुए, उससे कुछ ब्लॉक की दूरी पर नेशनल मॉल में आतिशबाजी देखने और ट्रम्प का भाषण सुनने के लिए भीड़ एकत्र हुई थी।
रेवोल्यूशनरी कम्युनिस्ट पार्टी, अमेरिका ने व्हाइट हाउस के बाहर अमेरिकी झंडा जलाया और ‘अमेरिका कभी महान नहीं था’ के नारे लगाए। इसके तुरंत बाद ‘सीक्रेट सर्विस’ ने हस्तक्षेप किया और आग बुझा दी। इसके बाद इस समूह की ट्रम्प समर्थक प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प हुई।
इस दौरान ‘सीक्रेट सर्विस’ के दो एजेंट घायल हो गए और दो प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। उल्लेखनीय है कि ट्रम्प पिछले 70 से अधिक वर्षों में अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया है। ट्रम्प के इस कदम की विपक्षी डेमोक्रेटिक नेताओं ने निंदा की है और चार जुलाई 1776 को ब्रिटेन से आजादी की देश की घोषणा का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।
इस परेड में ट्रम्प के साथ प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प, उप राष्ट्रपति माइक पेंस, उनके कैबिनेट सहयोगी और शीर्ष सैन्य नेतृत्व भी था। ट्रम्प ने इस दौरान अपने ‘अमेरिका को सलाम’ संबोधन में कहा, “आज हम एक देश के रूप में साथ आए हैं। अमेरिका को इस विशेष सलामी के साथ, हम हमारे इतिहास का जश्न मना रहे हैं। हम गर्व के साथ हमारे झंडे की रक्षा करने वाले नायकों, अमेरिकी सेना के बहादुर पुरूषों एवं महिलाओं को सम्मानित कर रहे हैं।”
ट्रम्प ने कहा कि देश के संस्थापकों का हौंसला बुलंद रखने वाले इसी अमेरिकी जज्बे ने इसके लोगों को मजबूती दी है और यही जज्बा हर अमेरिकी देशभक्त की रगों में दौड़ता है।


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