ब्रिटिश सांसद एक बार फिर इस बात पर सहमत नहीं हो सके कि ब्रेक्सिट प्रक्रिया में आगे कौन से कदम उठाया जाएं। बीबीसी के मुताबिक, संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में यूरोपीय संघ (ईयू) से अलग होने को लेकर सोमवार को चार प्रस्तावों पर मतदान हुआ, जिसमें कस्टम यूनियन और नॉर्वे जैसी व्यवस्था, ब्रिटेन को सिंगल मार्केट (एक बाजार) में बरकरार रखने पर भी मतदान हुआ, लेकिन किसी पर भी बात नहीं बन पाई और बहुमत नहीं मिला।
ये मतदान कानूनी तौर पर बाध्यकारी नहीं है तो प्रस्तावों को मंजूरी मिल जाने की दशा में भी सरकार इन्हें अपनाने के लिए बाध्य नहीं होती। प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने ब्रेक्सिट की शर्तो को लेकर यूरोपीय संघ के साथ जो समझौते किए, उसे तीन बार नकारा जा चुका है। मे के पास यह सोचने के लिए 12 अप्रैल तक का समय है कि उन्हें ब्रेक्सिट के लिए अतिरिक्त समय लेना है या बिना समझौता अलग होने का निर्णय करना है। अगले कदम के बारे में चर्चा के लिए वह मंगलवार सुबह अपने मंत्रिमंडल से मिलेंगी।
मतदान में कस्टम यूनियन प्रस्ताव महज तीन मतों से नामंजूर हो गया। कॉमन मार्केट 2.0 कहे जा रहे सिंगल मार्केट में रहने का प्रस्ताव देने वाले कंजरवेटिव नेता निक बोल्स ने इसके नामंजूर होने पर अपनी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। ग्रैंथम एंड स्टेमफोर्ड के सांसद बोल्स ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव को पास कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया।
वह जब हाउस ऑफ कॉमन्स से जाने लगे तो सांसदों को जोर से कहते सुना गया, ‘निक मत जाओ।’ और अन्य नेताओं ने बोल्स की सराहना की। बाद में उन्होंने ट्वीट किया कि वह सांसद बने रहेंगे और हाउस ऑफ कॉमन्स में आएंगे। साथ ही खुद को इंडिपेंडेंट प्रोग्रेसिव कंजरवेटिव कहलाना चाहेंगे। ब्रेक्सिट सेक्रेटरी स्टीफन बार्कले ने कहा कि अब केवल यही विकल्प बचा है कि कोई ऐसा रास्ता ढूंढा जाए जिससे ब्रिटेन बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ से अलग हो सके।


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