ईरान के खिलाफ किसी भी तरीके के गलत व्यवहार को लेकर अमेरिका को चेतावनी देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि इराक की तरह की कोई भी कार्रवाई इतनी बर्बादी फैलाने वाली होगी कि लोग अल-कायदा को भूल जाएंगे।
अमेरिकी संसद द्वारा वित्त पोषित थिंक टैंक यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में चर्चा के दौरान एक सवाल के जवाब में इमरान खान ने कहा, “ईरान के बारे में चिंता है, मुझे पक्का नहीं पता है कि ईरान के साथ संघर्ष होने की स्थिति में सभी देश हालात की गंभीरता को समझ रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “आप समझ रहे हैं ना, यह इराक (2003 में हुआ अमेरिकी हमला) जैसा नहीं होने वाला। यह बहुत-बहुत खराब होगा, यह आतंकवाद का भानू मति का पिटारा खोल देगा जो लोगों को अल-कायदा को भूलने पर मजबूर कर देगा। आप समझें कि लड़ाई बहुत कम समय के लिए भी हो सकती है अगर सभी एयरफिल्ड और बाकि जगहों पर हवाई हमले कर दिए जाएं।”

उन्होंने कहा, “हम कुछ भी करेंगे, मेरा कहना है कि अगर पाकिस्तान इसमें कोई भूमिका निभा सकता है तो। हम ईरान को पहले ही यह कह चुके हैं।” इमरान ने कहा, “हाल तक ईरान इच्छुक था, लेकिन अब मुझे लगता है कि ईरान में बहुत बेचैनी है और मुझे नहीं लगता है कि उन्हें ऐसे हालात में धकेलना चाहिए जहां संघर्ष की स्थिति बने।”
ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव की पृष्ठभूमि में इमरान खान ने कहा, “लेकिन उसके बाद के परिणाम, मेरी चिंता यह है कि लोग उससे ठीक तरह से समझ नहीं पा रहे हैं। मैं इस बात की पुरजोर वकालत करुंगा कि एक और सैन्य कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।”


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