भारत को तगड़ा झटका! ट्रंप फिर लगाएंगे एक्स्ट्रा टैरिफ, लिस्ट में बांग्लादेश-चीन समेत 60 देश शामिल

Summary :

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के वरिष्ठ राजनयिक और अधिकारी नई दिल्ली में बैठकर व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा आपसी व्यापार के नए रास्तों को तलाश रहे हैं। इस बीच अमेरिका भारत सहित 60 देशों के उत्पादों पर 10% या उससे ज्यादा अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव लेकर आया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) का कहना है कि इन देशों में कथित तौर पर जबरन श्रम (फोर्स्ड लेबर) से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध को सही तरीके से…

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के वरिष्ठ राजनयिक और अधिकारी नई दिल्ली में बैठकर व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा आपसी व्यापार के नए रास्तों को तलाश रहे हैं। इस बीच अमेरिका भारत सहित 60 देशों के उत्पादों पर 10% या उससे ज्यादा अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव लेकर आया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) का कहना है कि इन देशों में कथित तौर पर जबरन श्रम (फोर्स्ड लेबर) से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध को सही तरीके से लागू नहीं किया है।

क्यों लाया गया ये प्रस्ताव?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यह अमेरिका के 1974 के व्यापार कानून की धारा 301 के तहत जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है कि 60 अर्थव्यवस्थाओं की नीतियां और कार्यप्रणालियां अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंचा रही हैं। USTR के अनुसार, ये देश जबरन श्रम (Forced Labor) से तैयार उत्पादों के आयात को रोकने में नाकाम रहे हैं, जिससे अमेरिकी कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में अमेरिकी व्यापार कानून के तहत इन मामलों को अब ‘कार्रवाई योग्य’ माना गया है।

US Imposes Tariffs: भारत समेत किन देशों पर लगेगा अतिरिक्त टैरिफ?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) द्वारा तैयार की गई इस श्रेणी में भारत सहित दुनिया के 54 देशों और अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। इस सूची में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, ब्रिटेन, बांग्लादेश, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश भी शामिल हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका के मुख्य व्यापारिक साझेदारों द्वारा जबरन श्रम से बने सामानों के आयात को न रोक पाना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। इस विफलता के कारण अमेरिकी श्रमिकों को वैश्विक बाजार में असमान और अनुचित प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

US Trade Action: कितना प्रतिशत टैरिफ लगेगा?

अपनी जांच के निष्कर्षों के आधार पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने संबंधित देशों से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। एजेंसी के मुताबिक, जिन देशों ने जबरन श्रम से बने सामानों पर प्रतिबंध लगा दिया है या ऐसा करने का भरोसा दिया है, उनके उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। वहीं, इस नियम का पालन न करने वाले अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कपड़ा और परिधान क्षेत्र से जुड़े कुछ विशेष आयातों के लिए एक अलग और नई व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।

India US Trade: इसका भारत पर क्या असर पड़ेगा?

 India US Trade Deal
India US Trade Deal (Image- Social Media)

आपको बता दें कि ये केवल प्रस्ताव है और अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। ल;लेकिन अमेरिका अतिरिक्त शुल्क लागू करता है, तो भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में लागत बढ़ सकती है। इसका असर खासतौर पर निर्यातकों पर पड़ सकता है, जिनका बड़ा कारोबार अमेरिकी बाजार पर निर्भर है। यही वजह है कि एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ आया यह प्रस्ताव भारत के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि व्यापर समझौते की दिशा आगे बढ़ती है या फिर टैरिफ विवाद से रिश्तों में खटास पैदा होती है।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।