Pakistan के पंजाब में मानसून का कहर जारी, अब तक 166 मौतें

Summary :

Pakistan के पंजाब प्रांत में मानसून की बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से अब तक 166 लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को सियालकोट और झेलम में दो और मौतों की पुष्टि हुई, जिससे मरने वालों की संख्या और बढ़ गई। लाहौर सहित कई शहरों में भारी बारिश से जलभराव हो गया है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किन शहरों में कितनी बारिश? Pakistan मौसम विभाग (PMD) के अनुसार, सियालकोट में सबसे अधिक 78 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद लाहौर में 43.4 मिमी, गुजरांवाला…

Pakistan के पंजाब प्रांत में मानसून की बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से अब तक 166 लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को सियालकोट और झेलम में दो और मौतों की पुष्टि हुई, जिससे मरने वालों की संख्या और बढ़ गई। लाहौर सहित कई शहरों में भारी बारिश से जलभराव हो गया है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किन शहरों में कितनी बारिश?

Pakistan मौसम विभाग (PMD) के अनुसार, सियालकोट में सबसे अधिक 78 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद लाहौर में 43.4 मिमी, गुजरांवाला में 36.8 मिमी और चकवाल में 23 मिमी बारिश दर्ज की गई।

अन्य शहरों में बारिश का हाल कुछ इस प्रकार रहा:

  • अटक – 13.6 मिमी
  • मंगला – 12.2 मिमी
  • गुजरात – 10.6 मिमी
  • नारोवाल – 5 मिमी
  • रावलकोट – 4 मिमी
  • इस्लामाबाद एयरपोर्ट – 3.9 मिमी
  • मंडी बहाउद्दीन – 0.5 मिमी

Pakistan: आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में पंजाब के उत्तर-पूर्वी हिस्सों, पोटोहर क्षेत्र, इस्लामाबाद, ऊपरी खैबर पख्तूनख्वा, कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना बनी हुई है। वहीं, गर्मी और उमस से फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं है।

अब तक कितना नुकसान?

8 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक:

  • Pakistan में 164 लोगों की मौत हो चुकी थी (अब 166)
  • 82 लोग घायल हुए हैं
  • 121 पशुधन मारे गए
  • 216 घरों को नुकसान पहुंचा

लाहौर में भारी बारिश और बिजली गुल

शनिवार दोपहर 1:30 बजे से 4:30 बजे के बीच लाहौर में जोरदार बारिश हुई। वाटर एंड सैनिटेशन एजेंसी (WASA) के अनुसार, पानी वाला तालाब (86 मिमी), फर्रुखाबाद (85 मिमी), लक्ष्मी चौक (83 मिमी) और निश्तार टाउन (81 मिमी) सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कई इलाकों में जलभराव की वजह से यातायात प्रभावित हुआ और 120 से ज्यादा फीडर ट्रिप होने से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।

बाढ़ की चेतावनी और सुरक्षा उपाय

प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) ने जानकारी दी है कि:

  • तरबेला बांध 96% भरा हुआ है
  • मंगला बांध 63% तक भर चुका है
  • सिंधु नदी पर चश्मा बैराज में निम्न स्तर की बाढ़ है
  • रावी नदी के बसंतर नाले में हल्की बाढ़ देखी गई
  • हालांकि कोह-ए-सुलेमान और डेरा गाजी खान क्षेत्रों में फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है।

प्रशासन की अपील

PDMA के महानिदेशक ने लोगों से नदियों, नहरों और अन्य जल स्रोतों के पास न जाने की अपील की है। तैराकी और नहाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और धारा 144 लागू कर दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है और आपातकालीन सेवाएं तैनात कर दी गई हैं।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।