पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि भारत के साथ तब तक कोई बातचीत नहीं हो सकती, जब तक वह कश्मीर से प्रतिबंध नहीं हटाता। एक रिपोर्ट के अनुसार, कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने में कोई परेशानी नहीं है और वह तीसरे पक्ष द्वारा मध्यस्थता का भी स्वागत करेगा।
उन्होंने कहा कि बातचीत तभी हो सकती है अगर भारत कश्मीर में प्रतिबंध हटा दे, जो उसने जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद लगाए हैं। लेकिन कुरैशी ने कहा कि उन्हें बातचीत के लिए भारत की तरफ से कोई अनुकूल माहौल नहीं दिखा है।
‘पाकिस्तान ने कभी आक्रमक नीति नहीं अपनाई’
युद्ध की संभावना को खारिज करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने कभी आक्रमक नीति नहीं अपनाई और हमेशा शांति को तरजीह दी है। उन्होंने कहा, “युद्ध से लोगों की जानें जाएंगी और पुरी दुनिया इससे प्रभावित होगी, इसलिए युद्ध कोई विकल्प नहीं है।” पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू एवं कश्मीर को दो केंद्र शासित राज्यों- जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।


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