पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ के एक दुर्लभ किस्म की बीमारी की चपेट में आने के बाद उन्हें इलाज के लिए दुबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीमारी से उनका तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो गया है। उनकी पार्टी ने यह जानकारी दी। जनरल (सेवानिवृत्त) मुशर्रफ 2016 से ही दुबई में रह रहे हैं।
उन पर साल 2007 में संविधान को निलंबित करने के सिलसिले में देशद्रोह का मामला चलाया जा रहा है। इस दंडनीय अपराध के मामले की सुनवाई 2014 में शुरू हुई थी। अगर वे दोषी साबित होते हैं तो उन्हें मौत की सजा तक दी जा सकती है। सेना के पूर्व प्रमुख अपने इलाज के लिए दुबई गए थे और तब से वह सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कारणों से वापस नहीं लौटे।
मुशर्रफ की हालत अचानक बिगड़ने के बाद शनिवार रात को आपात स्थिति में अस्पताल लाया गया। ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एपीएमएल) महासचिव मेहरेने आदम मलिक ने रविवार को यह जानकारी दी। एपीएमएल के ओवरसीज अध्यक्ष अफजाल सिद्दीकी ने डानन्यूज टीवी को बताया कि मुशर्रफ को एमीलॉयडोसिस नामक दुर्लभ बीमारी हो गई है और इसका इलाज चल रहा है।
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पार्टी के अनुसार उन्हें डाक्टरों ने पूरी तरह से सेहतमंद होने तक पूर्ण आराम करने की हिदायत दी है। पूर्व राष्ट्रपति की पिछले साल अक्टूबर में हुई बीमारी में ‘‘उनके तंत्रिका तंत्र को कमजोर’’ कर दिया था। उस समय लंदन में उनका इलाज हुआ था। सिद्दीकी ने बताया कि एमीलॉयडोसिस की वजह से शरीर के विभिन्न अंगों में प्रोटीन का जमाव शुरू हो जाता हैं।
इसकी वजह से उन्हें खड़े होने और चलने में तकलीफ है। उन्होंने कहा कि इसके इलाज में पांच छह महीने का वक्त लग सकता है और पूरी तरह सेहतमंद होने के बाद मुशर्रफ का पाकिस्तान वापस जाने का इरादा है। मुशर्रफ ने 1999 से 2008 तक पाकिस्तान में राज किया था और बेनजीर भुट्टो और लाल मस्जिद के इमाम की हत्या के बाद उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।


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