PoK में बवाल: पाकिस्तान के खिलाफ जनता का गुस्सा फूटा, पुलिस की वर्दी उतरवाई; 27 मौतें; कई घायल

Summary :

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले कई महीनों से लोगों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन भारी महंगाई और नागरिक अधिकारों के हनन के खिलाफ जारी है। इसी बीच आज सोमवार को POK में एकबार फिर हाहाकार मच गया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में एक बार फिर आम जनता का गुस्सा देखने को मिला है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बलों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। विवाद की शुरुआत रावलकोट में शाहजेब हबीब नामक एक प्रदर्शनकारी के जनाजे (POK Violence) के बीच हुई है।…

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले कई महीनों से लोगों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन भारी महंगाई और नागरिक अधिकारों के हनन के खिलाफ जारी है। इसी बीच आज सोमवार को POK में एकबार फिर हाहाकार मच गया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में एक बार फिर आम जनता का गुस्सा देखने को मिला है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बलों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। विवाद की शुरुआत रावलकोट में शाहजेब हबीब नामक एक प्रदर्शनकारी के जनाजे (POK Violence) के बीच हुई है। बड़ी संख्या में वहां की अवाम कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) के बाहर अंतिम नमाज-ए-जनाजा में शामिल होने गए थे। JAAC ने दावा किया है कि शाहजेब हबीब की मौत पाकिस्तान रेंजर्स की कार्रवाई में हुई थी।

जनाजे में नारेबाजी, फिर मचा बवाल

(CREDIT-SM)

बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अवामी एक्शन कमेटी (AAC) के कई लोग और नेता एक जनाज़े के जुलूस में शामिल होते दिख रहे हैं। इस दौरान पाकिस्तान सेना के खिलाफ़ नारे लगाए गए और घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की गई। AAC का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया—जिसमें गोलीबारी और गोलाबारी भी (Protest turns violent) शामिल थी—जिससे स्थिति और बिगड़ गई। गुस्साई भीड़ पुलिस और सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गई; वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों का पीछा करते और उन पर हमला करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।

27 मौतों का दावा, भारत से मदद की अपील

जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 27 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है और कई अन्य घायल (PoK clashes) हुए हैं। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि मरने वालों की संख्या 100 से ज़्यादा है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तानी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

इस बीच, PoK के नेता और पत्रकार अमजद अयूब मिर्ज़ा ने भारत के प्रधानमंत्री से इस मामले में दखल देने की अपील की है। उन्होंने भारत सरकार से मदद मांगने के लिए एक वीडियो जारी किया है। अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि भारत इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।