Putin Zelenskyy Meeting: रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine War) के बीच चल रहे लंबे युद्ध को खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस बीच अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक खुला पत्र लिखकर सीधे मुलाकात का प्रस्ताव दिया है। जेलेंस्की का मानना है कि इस संघर्ष का स्थायी समाधान तभी निकल सकता है जब दोनों देशों के शीर्ष नेता आमने-सामने बैठकर बातचीत करें।
करीब 1800 शब्दों के अपने पत्र में जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप में जारी इस बड़े युद्ध को केवल राजनयिक स्तर की बातचीत से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि दोनों देशों के राष्ट्रपति सीधे बातचीत करें और शांति का रास्ता तलाशें। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि दुनिया की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। उनका कहना है कि अमेरिका इस समय ईरान से जुड़े मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, इसलिए यूक्रेन संकट को लंबे समय तक टालना सही नहीं होगा।
Putin Zelenskyy Meeting: तुर्की या स्विट्जरलैंड में हो सकती है मुलाकात

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जेलेंस्की ने अपने पत्र में पुतिन को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन इस युद्ध को खत्म करने के लिए दोनों नेताओं के बीच सीधी बातचीत का प्रस्ताव रखता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यह बैठक किसी तटस्थ देश जैसे तुर्की या स्विट्जरलैंड में आयोजित की जा सकती है, ताकि बातचीत निष्पक्ष माहौल में हो सके।
Vladimir Putin Volodymyr Zelenskyy Meeting: पुतिन पर की व्यक्तिगत टिप्पणी
अपने पत्र में जेलेंस्की ने पुतिन पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सत्ता में रहने के कारण अब उन पर उम्र का असर दिखाई देने लगा है। साथ ही उन्होंने हाल ही में हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों का उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि यूक्रेन रूस पर दबाव बनाए रखने की क्षमता रखता है।
रूस ने क्या दिया जवाब?

क्रेमलिन ने पत्र मिलने की पुष्टि की है, लेकिन रूस की ओर से कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। रूस का कहना है कि यदि जेलेंस्की बातचीत करना चाहते हैं तो वे रूस आकर पुतिन से मुलाकात कर सकते हैं। इस बीच पुतिन ने भी कहा है कि वह समझौते के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को कुछ न कुछ समझौता करना होगा। रूस अब भी अपनी पहले की मांगों पर अड़ा हुआ है।
मॉस्को चाहता है कि यूक्रेन डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों पर अपना दावा छोड़ दे। इसके अलावा रूस चाहता है कि यूक्रेन भविष्य में नाटो की सदस्यता लेने की कोशिश भी बंद कर दे। हालांकि यूक्रेन इन शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। कीव का कहना है कि यदि उसने अपने क्षेत्रों पर दावा छोड़ दिया तो भविष्य में रूस फिर से हमला कर सकता है।
ट्रंप ने भी किया समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि पुतिन और जेलेंस्की सीधे बातचीत करते हैं तो इससे शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि अब तक हुई कई शांति वार्ताएं सफल नहीं रही हैं। ऐसे में जेलेंस्की का यह खुला पत्र एक नई कूटनीतिक पहल माना जा रहा है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या यह प्रयास दोनों नेताओं को बातचीत की मेज तक ला पाएगा और युद्ध समाप्ति की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकाल सकेगा।
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