पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पनामागेट मामले में खुद को अयोग्य ठहराने को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक और पुनर्विचार याचिका दायर की है। शरीफ ने अपनी याचिका में मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमान्य करार दिया जाए। उन्होंने याचिका में दलील दी है कि जो वेतन उन्होंने लिया ही नहीं उसकी जानकारी नहीं देने के लिए उन्हें अयोग्य ठहराना अनुचित है।
सर्वोच्च न्यायालय ने शरीफ को 28 जुलाई को अयोग्य ठहरा दिया था। इसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। शरीफ विशेष जांच दल (जेआईटी) गठित करने के फैसले के खिलाफ पहले ही तीन पुनर्विचार याचिकाएं पहले ही दायर कर चुके हैं। उन्होंने अपनी नई याचिका में कहा कि वह चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल नामांकन पत्र में इसका उल्लेख करने को बाध्य नहीं थे क्योंकि आयकर कानून के तहत उसी वेतन की घोषणा की जाती है जिसे हासिल किया गया हो।
सुप्रीम कोर्ट ने पनामागेट मामले में पिछले महीने नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार और गड़बड़ी का दोषी ठहराते हुए प्रधानमंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था। शरीफ पर प्रधानमंत्री रहने के दौरान मनी लांिड्रंग के जरिए लंदन में संपत्ति बनाने का आरोप था। इसका खुलासा 2016 में पनामा पेपर लीक में हुआ था।


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