अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव पूरी दुनिया की चिंता का कारण बना हुआ है। कभी बातचीत की खबरें सामने आती हैं तो कभी दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ने की जानकारी मिलती है। अब एक बार फिर शांति की दिशा में नई कोशिश होती दिखाई दे रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने बातचीत के लिए अनुरोध किया है और दोनों देशों के प्रतिनिधि कतर की राजधानी दोहा में मुलाकात करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया (Trump Iran Statement) पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान अब बातचीत करना चाहता है। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच यह अहम बैठक दोहा में होगी। ट्रंप का कहना है कि बातचीत के जरिए दोनों पक्ष आगे का रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे।
दोहा में मौजूद रहेंगे दोनों देशों के अधिकारी

व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर इस बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान केवल बड़े अधिकारियों की बैठक ही नहीं होगी, बल्कि तकनीकी स्तर पर भी कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि शांति की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़े और दोनों देशों के बीच तनाव कम हो।
सैन्य कार्रवाई रोकने पर बनी सहमति
अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, बैठक से पहले दोनों देशों ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई है। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान किसी भी तरह की नई सैन्य गतिविधि नहीं की जाएगी। साथ ही समुद्री रास्तों से जहाजों की आवाजाही भी सामान्य बनी रहेगी, ताकि व्यापार और अन्य जरूरी गतिविधियों पर असर न पड़े।
जानकारी के अनुसार, पहले यह बैठक स्विट्जरलैंड में होने वाली थी, जहां ईरान के परमाणु कार्यक्रम सहित कई बड़े मुद्दों पर चर्चा की योजना थी। लेकिन हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को देखते हुए बैठक का स्थान बदलकर कतर की राजधानी दोहा कर दिया गया। अब इस बैठक में मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े मामलों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा होने की संभावना है।
क्या शांति की ओर बढ़ेंगे दोनों देश?

इस बीच ईरान के उपविदेश मंत्री काजेम खरीबाबादी ने मीडिया में चल रही कुछ खबरों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि कतर के साथ बातचीत जारी है, लेकिन दोहा में तकनीकी स्तर की बैठक को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह सही नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है।
पिछले कुछ महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच कई बार तनाव बढ़ा, लेकिन बाद में अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया। इसके बाद दोनों देशों ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश शुरू की। अब दोहा में होने वाली बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। अगर बातचीत सकारात्मक रहती है तो यह मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।


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