Delhi Police Uncovers A Cyber Fraud Case : हेल्थ सप्लीमेंट्स और दवाइयां बेचने के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का ईस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी ऑनलाइन हेल्थ सप्लीमेंट्स खरीदने वाले लोगों, खासकर पंजाब के निवासियों को अपना निशाना बनाते थे। वेबसाइट पर ऑर्डर और ऑनलाइन भुगतान लेने के बाद ग्राहकों को सामान नहीं भेजा जाता था।
डीसीपी (ईस्ट) राजीव कुमार ने बताया कि एसएचओ (साइबर) पवन कुमार की टीम ने एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में लिप्त दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपी 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में अपने और परिचितों के बैंक खाते ठगी की रकम मंगवाने के लिए इस्तेमाल करते थे। इसके बाद एटीएम से रकम निकालकर मुख्य आरोपी को सौंप देते थे। पुलिस ने आरोपियों की पहचान हितेन कुमार (22) और उसके चचेरे भाई आयुष आर्या (22) के रूप में की है। आयुष बीकॉम फाइनल ईयर का छात्र है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल और बैंक खातों की पड़ताल कर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि पंजाब के अमृतसर निवासी धर्मवीर सिंह ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने ‘ओपन लाइफ वेडिक्षा’ (www.openlifevedixa.com) वेबसाइट के जरिए 27 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच हेल्थ सप्लीमेंट्स खरीदने के लिए ऑनलाइन 83,257 रुपये का भुगतान किया था। रकम ट्रांसफर होने के बावजूद उन्हें सामान की डिलीवरी नहीं मिली। शिकायत के आधार पर ईस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
बैंक खातों में पहुंचे 2.66 लाख रुपये
पुलिस टीम ने ठगी की रकम का मनी ट्रेल चेक किया और तकनीकी पड़ताल की। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कुछ खातों का पता चला। ये खाते आयुष आर्या और उसकी दोस्त मीनाक्षी वर्मा के नाम पर थे। इन खातों में कुल दो लाख 66 हजार 437 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। आरोपियों ने पूरी रकम एटीएम के जरिए निकाल ली थी। पुलिस ने पहले आयुष आर्या को गिरफ्तार कर लिया और उसकी दोस्त से भी पूछताछ की।
आरोपी आयुष ने पुलिस को बताया कि वह अपनी दोस्त के बैंक खातों की जानकारी अपने चचेरे भाई हितेन कुमार को 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में दी। साइबर ठगी से हासिल रकम इन खातों में मंगवाई जाती थी। इसके बाद एटीएम से पैसे निकालकर हितेन को सौंप दिए जाते थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी हितेन कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आयुष के पास से एक आईफोन बरामद किया है।
मोबाइल की जांच में फर्जी वेबसाइट का लिंक और दोनों आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट मिली है। पुलिस के मुताबिक, हितेन ग्रेटर कैलाश, नई दिल्ली का रहने वाला है, जबकि आयुष उत्तर प्रदेश के इंदिरापुरम का रहने वाला है। पुलिस फिलहाल फर्जी वेबसाइट संचालित करने वाले व अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।


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