धनतेरस के दिन जहां भारतीय शेयर बाजार झूम उठा है और निवेशकों के लिए खूब धन बरस रहा है वहीं वैश्विक बाजारों में आज हाहाकार मच गया है। अमेरिका, साउथ कोरिया, ताइवान, जापान समेत कई देशों के शेयर बाजार में तबाही मच गई है। बता दें कि साउथ कोरिया के बाजार ने आज 8 प्रतिशत का लोउर सर्किट टच कर दिया है और 20 मिनट तक ट्रेडिंग को रोकना पड़ा वहीं अमेरिका के NASDAQ में कोहराम मचने के बाद निवेशकों के 3 ट्रिलियन डॉलर डूब गए है।
दक्षिण कोरिया का KOSPI क्रैश
दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क KOSPI आज क्रैश हो गया है जिसमें यह 5,000 पॉइंट्स से नीचे गिर गया। बता दें कि US मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से AI के लिए डेटा सेंटर बनाने की रफ़्तार धीमी हो सकती है। KOSPI 8 परसेंट से ज़्यादा गिर गया, जिससे मार्केट में ट्रेडिंग 20 मिनट के लिए रोक दी गई। 16 ट्रेडिंग सेशन में यह पहली बार था जब KOSPI का 20 मिनट का ट्रेडिंग हॉल्ट एक्टिवेट हुआ। बता दें कि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स के शेयर, जो KOSPI मार्केट में लगभग आधे हिस्से पर कब्ज़ा करते हैं लेकिन यह सुबह के कारोबार में 10 प्रतिशत से ज़्यादा गिर गए।
एशियाई शेयर बाजार क्रैश
एशियाई शेयरों में बिकवाली का दबाव गुरुवार रात को US मार्केट में भारी गिरावट के बाद आया, जहां टेक्नोलॉजी शेयरों पर बहुत ज़्यादा दबाव आया क्योंकि निवेशकों को अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की मज़बूत मौजूदगी से तेज़ी से बढ़ रहे AI सेक्टर की जांच बढ़ सकती है। इस दौरान नैस्डैक कम्पोजिट 5.5 प्रतिशत गिरा, जबकि S&P 500 4 प्रतिशत से ज़्यादा गिरा और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 3.4 प्रतिशत गिरा। यह गिरावट तेज़ी से एशिया के शेयर बाजारों में फैल गई, जहां टेक्नोलॉजी-हैवी मार्केट में हाल के सालों में इस इलाके का सबसे बड़ा नुकसान हुआ।
क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट
बाजार एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिकी बाजारों में आई भारी गिरावट का असर दुनिया के अधिकांश शेयर बाजारों पर दिखाई दे सकता है, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। एक्सपर्ट का मानना है कि वैश्विक तकनीकी शेयरों में आई गिरावट और एआई आधारित निवेश थीम की रफ्तार कम होने का भारतीय बाजार को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है, क्योंकि इससे विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी अन्य उभरते बाजारों की ओर बढ़ सकती है।


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