नेशनल कॉन्फ्रेंस में होगी टूट? पार्टी के विधायकों की मीटिंग पर आया फारूक अब्दुल्ला का बयान, जानें पूरा मामला

Summary :

नेशनल कॉन्फ्रेंस में विधायकों की बैठक के बाद पार्टी में फूट की अटकलें तेज हो गई थीं। इस पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने विधायकों की शिकायतों का जल्द समाधान करने का भरोसा दिया। साथ ही अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली का संकल्प दोहराया।

जम्मू-कश्मीर/ श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अंदरूनी कलह को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में पार्टी के कई विधायकों की एक बैठक हुई थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगे कि क्या पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और क्या नेशनल कॉन्फ्रेंस में टूट हो सकती है? इन अटकलों पर अब पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने पार्टी में किसी भी तरह की फूट की खबरों को गलत बताते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस पूरी तरह एकजुट है।

शुक्रवार को गुपकर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान  फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं पर रुख साफ किया। उन्होंने बताया कि कुछ विधायकों ने अपनी परेशानियों और शिकायतों से पार्टी के सीनियर नेताओं को अवगत कराई  है।

उमर अब्दुल्ला के सामने रखा गया है मामला?

इन मुद्दों को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने भी रखा गया है। वहीं फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि  मुख्यमंत्री ने विधायकों को भरोसा दिलाया है कि उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाएगा। उनकी समस्याओं पर विचार करने के बाद सही कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने यह भी माना कि विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दे बेवजह नहीं हैं और उन पर ध्यान देना जरूरी है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि नेतृत्व सभी संबंधित विधायकों के साथ बातचीत करेगा। बातचीत के जरिए उनकी नाराजगी दूर करने और समस्याओं का हल निकालने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि पार्टी के अंदर किसी तरह का विवाद संगठन को कमजोर नहीं करेगा।

अनुच्छेद 370 और 35A का भी किया जिक्र

पार्टी में एकजुटता को लेकर भरोसा दिलाने के साथ ही फारूक अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के पुराने राजनीतिक रुख को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A की बहाली के लिए पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

बता दें कि  अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के तहत मिलने वाले विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया था। नेशनल कॉन्फ्रेंस लगातार इन संवैधानिक प्रावधानों की बहाली की मांग उठाती रही है।

आखिर कैसे शुरू ये पूरा मामला?

दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विधायकों की हाल में एक बैठक हुई थी। इस मुलाकात के बाद पार्टी के अंदर  कलह  और संभावित बगावत की खबरें उठने लगी थी। सोशल मीडिया पर भी इस बैठक को लेकर कई तरह की बातें कही जाने लगीं। बैठक में शामिल विधायकों के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर भी अलग-अलग दावे किए गए। इसी वजह से पार्टी में अंदरूनी खींचतान और संभावित विभाजन की अटकलों को हवा मिली।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।