Bihar Flood 22 Lakh People Affected: बिहार और आसपास के राज्यों में लगातार हो रही बारिश की वजह से कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के 12 जिलों में 22.42 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना के गांधी घाट पर रविवार, 6 सितंबर को गंगा नदी का पानी उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर चला गया था। लेकिन, सोमवार 7 सितंबर को केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गांधी घाट पर गंगा के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद कई इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, घाघरा और बागमती समेत कई नदियां अलग-अलग जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बाढ़ का असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल जिलों में देखने को मिल रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने राहत व्यवस्था का लिया जायजा
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वैशाली और भागलपुर का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चल रही सामुदायिक रसोई का निरीक्षण किया और वहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ राहत और बचाव अभियान की भी समीक्षा की। सरकार की कोशिश है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक समय पर भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाएं पहुंचाई जाएं।
बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों में 190 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इन रसोई के जरिए प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बाढ़ के पानी के बीच आवाजाही में मदद के लिए 1,429 नावें लगाई गई हैं। राहत एवं बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें भी तैनात की गई हैं।
रेल यातायात पर भी पड़ा असर
बिहार में बाढ़ का असर रेल परिचालन पर भी दिखाई देने लगा है। पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों के बीच पुल संख्या 21 पर पानी का स्तर खतरनाक स्थिति तक पहुंच गया है। इसे देखते हुए ईस्ट सेन्ट्रेल रेलवे ने कुछ ट्रेनों को रद्द किया है, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। हाथीदह में भी गंगा के पानी के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने की आशंका जताई गई है। इसके चलते बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार की बाढ़ को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को केंद्र सरकार से बिहार की मौजूदा बाढ़ की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की। उन्होंने केंद्र से राज्य के लिए 5,000 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान को तेज करने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने की मांग भी की।
अगले दो दिन भी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने बिहार में अगले दो दिनों के दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। ऐसे में नदियों के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
फिलहाल राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
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