जम्मू-कश्मीर के डोडा में VPN पर बड़ा एक्शन! दो महीने तक इस्तेमाल पर लगी पूरी रोक

Summary :

Jammu Kashmir Doda VPN Ban: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में प्रशासन ने VPN के इस्तेमाल पर दो महीने की रोक लगा दी है। BNSS की धारा 163 के तहत जारी आदेश में साइबर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया गया है। प्रतिबंध व्यक्ति, संस्थान, साइबर कैफे और ISP पर लागू होगा। उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।

Jammu Kashmir Doda VPN Ban: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में प्रशासन ने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी VPN के इस्तेमाल पर दो महीने के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है। जिला प्रशासन ने यह फैसला साइबर सुरक्षा, गैरकानूनी गतिविधियों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए लिया है। यह प्रतिबंध जिले में रहने वाले लोगों के साथ-साथ यहां काम करने वाले संस्थानों और कारोबारों पर भी लागू होगा।

डोडा के जिला मजिस्ट्रेट कृष्ण लाल ने 5 सितंबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया। प्रशासन के मुताबिक, कुछ लोग और समूह VPN का इस्तेमाल करके इंटरनेट पर लगाए गए कानूनी प्रतिबंधों को पार करने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि VPN के जरिए प्रतिबंधित ऐप, वेबसाइट और डिजिटल सामग्री तक पहुंच बनाई जा रही थी। प्रशासन ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तत्काल रोक लगाने का फैसला किया है।

VPN के गलत इस्तेमाल ने बढ़ाई चिंता

जिला प्रशासन ने कहा कि VPN टेक्नॉलजी  का इस्तेमाल नॉर्मल तौर पर इंटरनेट की गोपनीयता और सुरक्षा के लिए किया जाता है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल से कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोग इसका इस्तेमाल बैन की गई ऑनलाइन सामग्री तक पहुंचने और सरकारी स्तर पर लगाए गए साइबर प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए कर सकते हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि ऐसी गतिविधियों का इस्तेमाल अशांति फैलाने, भड़काऊ सामग्री शेयर करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है।

जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा है कि  VPN सेवाओं के संभावित दुरुपयोग से आम लोगों की सुरक्षा, शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने इसे एक जरूरी कदम बताते हुए जिले में VPN के इस्तेमाल पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से प्रतिबंधित डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखने और जिले में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

किन लोगों और संस्थानों पर लागू होगा प्रतिबंध?

यह आदेश केवल नॉर्मल इंटरनेट यूजर्स तक सीमित नहीं है। डोडा जिले में काम करने वाले कई वर्गों और संस्थानों को भी इसके दायरे में रखा गया है। इनमें व्यक्ति, सरकारी और प्राइवेट संस्थान, साइबर कैफे, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) शामिल हैं। लेकिन, अगर  किसी व्यक्ति या संस्था को सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश के जरिए VPN इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है, तो वह इस प्रतिबंध से बाहर रहेगा।

प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। अगर  प्रतिबंध के बावजूद बिना अनुमति VPN का इस्तेमाल करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था को कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिला प्रशासन ने इस आदेश को लागू कराने की जिम्मेदारी डोडा के सीनियर  पुलिस अधीक्षक (SSP) को दी है। पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जिले में VPN पर लगाए गए प्रतिबंध का सही तरीके से पालन हो।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।