रील्स-ब्लॉग बनाकर कमाएं 10 हजार रुपये, 1 लाख व्यूज पर बिहार सरकार देगी पैसा

Summary :

बिहार सरकार ने कंटेंट क्रिएटर्स के लिए कमाई का शानदार मौका दिया है। अब रील्स, शॉर्ट वीडियो और ब्लॉग बनाने वाले क्रिएटर्स अपने कंटेंट से पैसे कमा सकते हैं। योजना के तहत पात्र वीडियो को 1 लाख व्यूज मिलने पर 10 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा सकती है।

बिहार में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। अगर आप यूट्यूब, रील्स या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ब्लॉग या रील्स या वीडियो बनाते हैं, तो सम्राट सरकार की योजना के तहत कमाई का बढ़िया मौका है। बिहार सरकार ने सोशल मीडिया पर अच्छे प्रदर्शन करने वाले क्रिएटर्स के मनोबल को बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। इसके जरिए अगर आपके वीडियो को 1 लाख व्यूज मिलते हैं तो सरकार आपको अधिकतम 10 हजार रुपये तक दे सकती है। यह फैसला सम्राट चौधरी सरकार की कैबिनेट की तरफ से लिया गया है।

10 लाख व्यूज पर 1 लाख रुपये देने का दावा

सम्राट सरकार की योजना में अधिक व्यूज लाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी प्रोत्साहन राशि तय की गई है। अगर किसी वैलिड वीडियो को 1 मिलियन व्यूज मिलते हैं, तो क्रिएटर को ₹1 लाख तक भी मिल सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार हर वायरल वीडियो के लिए पैसे देगी; इसके लिए कुछ खास शर्तों को पूरा करना होगा। वीडियो किस सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर होस्ट किया गया है और क्या कंटेंट सरकार की तय नीतियों के मुताबिक है, इन बातों पर भी विचार विमर्श किया जाएगा। व्यू काउंट की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही आपको पेमेंट किया जाएगा।

सरकार की आधिकारिक लिस्ट में नाम होना जरूरी

बिहार सरकार की इस खास योजना का लाभ लेने के लिए सिर्फ वीडियो बनाना और ज्यादा व्यूज हासिल करना जरूरी नहीं होगा। सोशल मीडिया क्रिएटर्स को सम्राट सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के जरिए एम्पैनल्ड होना पड़ेगा। इसमें शामिल होने के लिए, उन्हें विभाग को अपने सोशल मीडिया चैनलों और अन्य जरूरी जानकारी के बारे में बताना होगा। किसी चैनल या सोशल मीडिया हैंडल को इस स्कीम में तभी शामिल किया जाएगा जब वह जरूरी योग्यता शर्तों को पूरा करेगा। इसके अलावा, अगर कोई वीडियो विभाग की जरूरी मंजूरी के बिना या तय नियमों का उल्लंघन करके बनाया जाता है, तो उसके लिए कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाएगी। दूसरे शब्दों में, सरकारी पेमेंट पाने के लिए क्रिएटर्स को स्कीम की सभी शर्तों का पालन करना होगा।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।